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मद्रास हाई कोर्ट में तूतीकोरिन कस्टोडियल डेथ केस की अगली सुनवाई 22 सितंबर को

चेन्नई। तूतीकोरिन कस्टोडियल डेथ केस की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। इस मामले को लेकर मद्रास हाई कोर्ट के समक्ष सीबीआइ और सीबी-सीआइडी ने रिपोर्ट पेश की है। जिसमें कहा गया कि सुशांत सिंह राजपूत के फोरेंसिक नमूनों की जांच करने वाली सीबीआइ टीम को इस मामले में भी नमूनों की जांच करनी है और वे ऐसा नहीं कर पाए हैं क्योंकि वे अभी पूर्व मामले में काम कर रहे हैं।

सीबीआइ जांच से पहले मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबी-सीआइडी मामले की जांच कर रही थी और उसने 10 पुलिसकर्मियों को मामले में गिफ्तार किया था। इसके बाद राज्य सरकार ने केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपी।

चार दिन बाद अस्पताल में 23 जून को दोनों की हुई थी मौत

बता दें कि तमिलनाडु की सरकार ने तूतीकोरिन जिले में पिता-पुत्र की मौत के मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने का निर्णय लिया था। पी जयराज और फेनिक्स को 19 जून को तूतीकोरिन में उनके मोबाइल फोन की दुकान से गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर आरोप था कि दुकान को लॉकडाउन के दौरान अनुमति के घंटों से अतिरिक्त समय तक खुला रखने के कारण गिरफ्तार किया गया था। इसके चार दिन बाद अस्पताल में 23 जून को दोनों की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने सातनकुलम थाने में पिता-पुत्र की बर्बर तरीके से पिटाई की थी जिसकी वजह से उनकी मौत हुई।

कमल हासन ने भी साधा था निशाना

पुलिस हिरासत में मौत की घटना के बाद राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर आग गई थी। मशहूर अभिनेता कमल हासन ने पलानीसामी सरकार पर करारा हमला किया था। इस मामले पर डीएमके ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और NHRC को पत्र लिखा था।

गौरतलब है कि कि पिता-पुत्र की मौत की घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नाराजगी देखी गई थी और हैशटैग जस्टिस फॉर जयराज एंड फेनिक्स ट्रेंड हुआ था।

चेन्नई। तूतीकोरिन कस्टोडियल डेथ केस की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। इस मामले को लेकर मद्रास हाई कोर्ट के समक्ष सीबीआइ और सीबी-सीआइडी ने रिपोर्ट पेश की है। जिसमें कहा गया कि सुशांत सिंह राजपूत के फोरेंसिक नमूनों की जांच करने वाली सीबीआइ टीम को इस मामले में भी नमूनों की जांच करनी है और वे ऐसा नहीं कर पाए हैं क्योंकि वे अभी पूर्व मामले में काम कर रहे हैं।

सीबीआइ जांच से पहले मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबी-सीआइडी मामले की जांच कर रही थी और उसने 10 पुलिसकर्मियों को मामले में गिफ्तार किया था। इसके बाद राज्य सरकार ने केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपी।

चार दिन बाद अस्पताल में 23 जून को दोनों की हुई थी मौत

बता दें कि तमिलनाडु की सरकार ने तूतीकोरिन जिले में पिता-पुत्र की मौत के मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने का निर्णय लिया था। पी जयराज और फेनिक्स को 19 जून को तूतीकोरिन में उनके मोबाइल फोन की दुकान से गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर आरोप था कि दुकान को लॉकडाउन के दौरान अनुमति के घंटों से अतिरिक्त समय तक खुला रखने के कारण गिरफ्तार किया गया था। इसके चार दिन बाद अस्पताल में 23 जून को दोनों की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने सातनकुलम थाने में पिता-पुत्र की बर्बर तरीके से पिटाई की थी जिसकी वजह से उनकी मौत हुई।

कमल हासन ने भी साधा था निशाना

पुलिस हिरासत में मौत की घटना के बाद राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर आग गई थी। मशहूर अभिनेता कमल हासन ने पलानीसामी सरकार पर करारा हमला किया था। इस मामले पर डीएमके ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और NHRC को पत्र लिखा था।

गौरतलब है कि कि पिता-पुत्र की मौत की घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नाराजगी देखी गई थी और हैशटैग जस्टिस फॉर जयराज एंड फेनिक्स ट्रेंड हुआ था।

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