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वैश्विक सम्मान! आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को ‘वर्ल्ड लीडर फॉर पीस एंड सिक्योरिटी अवार्ड-2025’ से नवाजा गया

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को बोस्टन ग्लोबल फोरम और AI वर्ल्ड सोसाइटी ने ‘वर्ल्ड लीडर फॉर पीस एंड सिक्यॉरिटी अवार्ड-2025’ से सम्मानित किया है. यह वैश्विक शांति सम्मान 20152025 के बीच शांति-सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वालों को समर्पित है. श्री श्री रविशंकर को ये सम्मान उनके वैश्विक शांति-निर्माण, पुनर्समाधान और मानवीय नेतृत्व को देखते हुए दिया गया है. बोस्टन ग्लोबल फोरम (BGF) ने उन्हें ‘मित्र-निर्माता, बंधु-निर्माता, बिना स्वार्थ या पूर्वाग्रह के शांति सेतु बनाने वाला’ नेता करार दिया.

इस अवार्ड से उन नेताओं को सम्मानित किया है जिन्होंने दुनियाभर के पिछले दस साल में शांति, नैतिक नेतृत्व और वैश्विक सुरक्षा के क्षेत्र में खास असर छोड़ा है. उदाहरण के लिए 2015 में जापान के प्रधानमंत्री रहे शिंजो आबे व जर्मनी की चांसलर रहीं एंजेला मर्केल, 2016 में बान की मून और हाल के साल में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को यह पुरस्कार मिल चुका है.

भारत के लिए गर्व की बात

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को मिला सम्मान ‘वर्ल्ड लीडर फॉर पीस एंड सिक्यॉरिटी अवार्ड-2025’ देश के लिए नया गौरव और प्रतिष्ठा है. ये महज एक सम्मान नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सामने भारत की आध्यात्मिक और मानवीय नेतृत्व की ताकत की गाथा है. ये बताता है कि शांति-सुरक्षा-तकनीकी समन्वय के काल में भारत विश्व गुरु की भूमिका में खुद को स्थापित कर रहा है.

Sri Sri Ravi Shankar 2

योगदान और वैश्विक प्रभाव

श्री श्री रविशंकर को उनके शांति प्रयासों, मानवीय पहलों और वैश्विक पहुंच के लिए सम्मानित किया गया है. इसमें 180 से अधिक देशों में उनके द्वारा संचालित कार्यक्रम, विभिन्न संघर्ष-क्षेत्रों में उनका हस्तक्षेप, जैसे कोलंबिया में FARC और सरकार के बीच 52 वर्षीय संघर्ष को समाप्ति की ओर ले जाना, इराक, श्रीलंका, म्यांमार और वेनेजुएला में मध्यस्थता.

क्या बोले श्री श्री रविशंकर?

उनकी संस्था The Art of Living Foundation द्वारा ब्रेथिंग-मेडिटेशन जैसे व्यावहारिक तकनीकों से तनाव को खत्म करने, आघात-उपचार और भावनात्मक लचीलापन बढ़ाने का काम भी शामिल है. ‘वर्ल्ड लीडर फॉर पीस एंड सिक्यॉरिटी अवार्ड-2025’ सम्मान मिलने पर श्री श्री रविशंकर ने कहा, शांति सिर्फ शब्द नहीं, यह क्रिया में बदलनी चाहिए.

आध्यात्मिक गुरु ने कहा, हम अक्सर शांति और सुरक्षा एक ही सांस में बोलते हैं. बहुत कुछ सुरक्षा के लिए किया जाता है. मग, शांति के लिए कम ध्यान दिया जाता है. शांति-निर्माण बेहद जरूरी है. एक नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति की आवश्यकता है, जो आज हमारे समाज में व्याप्त अविश्वास और संकट को शांत कर सके.

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को बोस्टन ग्लोबल फोरम और AI वर्ल्ड सोसाइटी ने ‘वर्ल्ड लीडर फॉर पीस एंड सिक्यॉरिटी अवार्ड-2025’ से सम्मानित किया है. यह वैश्विक शांति सम्मान 20152025 के बीच शांति-सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वालों को समर्पित है. श्री श्री रविशंकर को ये सम्मान उनके वैश्विक शांति-निर्माण, पुनर्समाधान और मानवीय नेतृत्व को देखते हुए दिया गया है. बोस्टन ग्लोबल फोरम (BGF) ने उन्हें ‘मित्र-निर्माता, बंधु-निर्माता, बिना स्वार्थ या पूर्वाग्रह के शांति सेतु बनाने वाला’ नेता करार दिया.

इस अवार्ड से उन नेताओं को सम्मानित किया है जिन्होंने दुनियाभर के पिछले दस साल में शांति, नैतिक नेतृत्व और वैश्विक सुरक्षा के क्षेत्र में खास असर छोड़ा है. उदाहरण के लिए 2015 में जापान के प्रधानमंत्री रहे शिंजो आबे व जर्मनी की चांसलर रहीं एंजेला मर्केल, 2016 में बान की मून और हाल के साल में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को यह पुरस्कार मिल चुका है.

भारत के लिए गर्व की बात

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को मिला सम्मान ‘वर्ल्ड लीडर फॉर पीस एंड सिक्यॉरिटी अवार्ड-2025’ देश के लिए नया गौरव और प्रतिष्ठा है. ये महज एक सम्मान नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सामने भारत की आध्यात्मिक और मानवीय नेतृत्व की ताकत की गाथा है. ये बताता है कि शांति-सुरक्षा-तकनीकी समन्वय के काल में भारत विश्व गुरु की भूमिका में खुद को स्थापित कर रहा है.

Sri Sri Ravi Shankar 2

योगदान और वैश्विक प्रभाव

श्री श्री रविशंकर को उनके शांति प्रयासों, मानवीय पहलों और वैश्विक पहुंच के लिए सम्मानित किया गया है. इसमें 180 से अधिक देशों में उनके द्वारा संचालित कार्यक्रम, विभिन्न संघर्ष-क्षेत्रों में उनका हस्तक्षेप, जैसे कोलंबिया में FARC और सरकार के बीच 52 वर्षीय संघर्ष को समाप्ति की ओर ले जाना, इराक, श्रीलंका, म्यांमार और वेनेजुएला में मध्यस्थता.

क्या बोले श्री श्री रविशंकर?

उनकी संस्था The Art of Living Foundation द्वारा ब्रेथिंग-मेडिटेशन जैसे व्यावहारिक तकनीकों से तनाव को खत्म करने, आघात-उपचार और भावनात्मक लचीलापन बढ़ाने का काम भी शामिल है. ‘वर्ल्ड लीडर फॉर पीस एंड सिक्यॉरिटी अवार्ड-2025’ सम्मान मिलने पर श्री श्री रविशंकर ने कहा, शांति सिर्फ शब्द नहीं, यह क्रिया में बदलनी चाहिए.

आध्यात्मिक गुरु ने कहा, हम अक्सर शांति और सुरक्षा एक ही सांस में बोलते हैं. बहुत कुछ सुरक्षा के लिए किया जाता है. मग, शांति के लिए कम ध्यान दिया जाता है. शांति-निर्माण बेहद जरूरी है. एक नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति की आवश्यकता है, जो आज हमारे समाज में व्याप्त अविश्वास और संकट को शांत कर सके.

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