संयुक्त राष्ट्र। भारत ने संयुक्त राष्ट्र को शांति मिशन के लिए डेढ़ लाख डॉलर की मदद करने की घोषणा की है। साथ ही कहा है कि साल 2021 अधिक केंद्रित तरीके से और खासकर कोरोना महामारी के संदर्भ में वैश्विक समुदाय को शांति स्थापित करने का विशेष अवसर प्रदान करता है। मानवता की भलाई के लिए शांति और सौहार्द बेहद जरूरी है। वह इसके लिए जिम्मेदारी निभाता रहेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस त्रिमूर्ति ने कहा कि हम शांति स्थापना की गतिविधियों के लिए कोष का समर्थन करते हैं। भारत इस वर्ष निधि की गतिविधियों और कार्यक्रम के लिए 150,000 अमेरिकी डालर देने की घोषणा करना चाहता है।
टीएस त्रिमूर्ति ने कहा कि हमारा मानना है कि साल 2021 व्यापक संदर्भ में हमें सीमाओं पर शांति बनाए रखने विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौर में अवसर प्रदान करता है, जिसने वर्षों में की गई प्रगति को चोट पहुंचाई है।दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, हम लोकतंत्र और कानून के शासन को मजबूत करने के लिए शासन संरचना के निर्माण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता से अवगत हैं। भारत शांति स्थापना गतिविधियों में महिलाओं और युवाओं द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका से भी वाकिफ है। सुरक्षा संरचनाओं को मजबूत करने से ही नागरिक सुरक्षा मजबूत होती है।
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त्रिमूर्ति ने कहा कि दुनिया को शांति के विशिष्ट पहलू को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, जो संघर्ष के बाद की स्थितियों में सबसे अधिक प्रभाव डालेगा ताकि धन का उपयोग अच्छे से हो। वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका के बारे में आगे बात करते हुए, त्रिमूर्ति ने कहा कि भारत ने हमेशा विकासशील देशों के साथ विशेष रूप से अफ्रीका और एशिया के साथ व्यापक विकास साझेदारी के माध्यम से शांति के संदर्भ में एक रचनात्मक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा भारत द्विपक्षीय रूप से पर्याप्त अनुदान और नरम ऋण प्रदान करके देशों की सहायता करता है।



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