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रजिस्ट्रियों में धांधली पर लगेगी लगाम, अब तहसील व उपतहसीलों में सक्रिय दलाल निशाने पर, हरियाणा सरकार का बड़ा कदम

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हरियाणा में अब रजिस्‍ट्रयों में धांधली पर रोक लगेगी। इसके लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब तहसीलों और उप तहसीलों में सक्रिय दलाल सरकार के निशाने पर हैं। रजिस्ट्रियों में सक्रिय दलालों पर निगाह रखने के लिए इन कार्यालयों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी रोकने और दलालोंं पर अंकुश लगाने के लिए राज्‍य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्‍य के तहसीलों और उपतहसीलोंं में सक्रिय दलाल निशाने पर होंगे। इसके लिए तहसील व तहसील कार्यालयों में दलालों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।  इसके साथ ही रजिस्ट्रियों में अनियमितताओं में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।

रजिस्ट्री घोटाले में 156 पंजीकरण लिपिक और 381 पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

जमीन की रजिस्ट्रियों में अनियमितताएं बरतने के मामले में 156 पंजीकरण लिपिकों और 381 पटवारियों पर गाज गिरनी तय हो गई है। नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके सभी रजिस्ट्री क्लर्कों और पटवारियों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवाएं (दंड एवं अपील) के नियम-7 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी जिला उपायुक्तों को तुरंत एक्शन लेने को कहा गया है।

133 सब रजिस्ट्रारों और 97 संयुक्त सब रजिस्ट्रारों से किया गया है जवाब तलब

जमीन की रजिस्ट्रियों में गोलमाल को रोकने के लिए ऊपर से नीचे तक सिस्टम दुरुस्त करने की कड़ी में तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और पटवारियों पर शिकंजा कसने के साथ ही तहसील-उपतहसील कार्यालयों में सक्रिय दलाल भी सरकार के निशाने पर हैं। सीसीटीवी कैमरे से ऐसे लोगों पर नजर रखी जाएगी जिनकी तहसीलों में आवाजाही ज्यादा है।

अभी तक कराई जांच के अनुसार साढ़े चार साल में गुरुग्राम मंडल में सर्वाधिक 64 हजार 577 रजिस्ट्रियों में अनियमितताएं मिली हैं। इसके बाद फरीदाबाद मंडल में 18 हजार 358, रोहतक में 10 हजार 849, करनाल में नौ हजार 774, अंबाला में दो हजार 864 और हिसार मंडल में 1016 रजिस्ट्रियों में गोलमाल हुआ। 133 सब रजिस्ट्रारों और 97 संयुक्त सब रजिस्ट्रारों द्वारा पंजीकरण के समय धारा 7-क के प्रविधान की धज्जियां उड़ाईं गईं।

सभी आरोपितों से हरियाणा सिविल सेवाएं (दंड एवं अपील) के नियम-7 के तहत कार्रवाई करने से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया था। अब इनके जवाबों का अध्ययन किया जा रहा है जिसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। गुरुग्राम के तीन सब-रजिस्ट्रार तथा पांच संयुक्त सब-रजिस्ट्रारों के खिलाफ पहले ही आरोप पत्र जारी किए जा चुके। एक सब रजिस्ट्रार तथा पांच संयुक्त सब-रजिस्ट्रारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज कराई गई है।

वहीं, तहसीलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए अर्जी नवीसों को भी रजिस्ट्री प्रक्रिया से बाहर करने की तैयारी है। राजस्व विभाग की वेबसाइट को अपडेट कर जमीन से संबंधित 25 तरह के प्रोफार्मा इस पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन प्रोफार्मा में जमीन खरीद या बेचने वाले खुद ही पूरा ब्योरा देकर रजिस्ट्री के लिए आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अभी तक अर्जी नवीस से फाइल तैयार कराने के बाद ही रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होती है। यहीं से भ्रष्टाचार का खेल शुरू होता है।

रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया होगी आनलाइन

रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया आनलाइन करने की तैयारी है जिसमें किसी अर्जी नवीस की जरूरत नहीं रहेगी। केवल खरीद-बेचने वाले और तहसील के अधिकारी इसमें शामिल होंगे। रजिस्ट्री के लिए टोकन लेने की प्रक्रिया को पहले ही आनलाइन किया जा चुका है।

रजिस्ट्री में गड़बड़ी के आरोप में चार्जशीट किये गए 27 तहसीलदारों, 33 नायब तहसीलदारों व 16 डीआरओ को न केवल बदला जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाएगा। खासकर राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच के चलते महत्वपूर्ण स्थानों पर काबिज लोगों पर हरियाणा सरकार की निगाह है।

घोटालेबाजों को नहीं बख्शेंगे’

” जमीनों की रजिस्ट्री के मामले में अनियमितता करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जहां भी गड़बड़ी होने की आशंका हुई, वहां पर तुरंत जांच कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया आनलाइन करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। वेब हैलरिस के जरिये शहरी विकास विभाग, नगर एवं आयोजना, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचायत एवं विकास विभाग तथा आवास बोर्ड को एक-दूसरे के साथ जोड़ा गया है ताकि रजिस्ट्री में गोलमाल की कोई संभावना न रहे।

यह खबर आपको कैसी लगी?

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हरियाणा में अब रजिस्‍ट्रयों में धांधली पर रोक लगेगी। इसके लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब तहसीलों और उप तहसीलों में सक्रिय दलाल सरकार के निशाने पर हैं। रजिस्ट्रियों में सक्रिय दलालों पर निगाह रखने के लिए इन कार्यालयों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी रोकने और दलालोंं पर अंकुश लगाने के लिए राज्‍य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्‍य के तहसीलों और उपतहसीलोंं में सक्रिय दलाल निशाने पर होंगे। इसके लिए तहसील व तहसील कार्यालयों में दलालों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।  इसके साथ ही रजिस्ट्रियों में अनियमितताओं में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।

रजिस्ट्री घोटाले में 156 पंजीकरण लिपिक और 381 पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

जमीन की रजिस्ट्रियों में अनियमितताएं बरतने के मामले में 156 पंजीकरण लिपिकों और 381 पटवारियों पर गाज गिरनी तय हो गई है। नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके सभी रजिस्ट्री क्लर्कों और पटवारियों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवाएं (दंड एवं अपील) के नियम-7 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी जिला उपायुक्तों को तुरंत एक्शन लेने को कहा गया है।

133 सब रजिस्ट्रारों और 97 संयुक्त सब रजिस्ट्रारों से किया गया है जवाब तलब

जमीन की रजिस्ट्रियों में गोलमाल को रोकने के लिए ऊपर से नीचे तक सिस्टम दुरुस्त करने की कड़ी में तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और पटवारियों पर शिकंजा कसने के साथ ही तहसील-उपतहसील कार्यालयों में सक्रिय दलाल भी सरकार के निशाने पर हैं। सीसीटीवी कैमरे से ऐसे लोगों पर नजर रखी जाएगी जिनकी तहसीलों में आवाजाही ज्यादा है।

अभी तक कराई जांच के अनुसार साढ़े चार साल में गुरुग्राम मंडल में सर्वाधिक 64 हजार 577 रजिस्ट्रियों में अनियमितताएं मिली हैं। इसके बाद फरीदाबाद मंडल में 18 हजार 358, रोहतक में 10 हजार 849, करनाल में नौ हजार 774, अंबाला में दो हजार 864 और हिसार मंडल में 1016 रजिस्ट्रियों में गोलमाल हुआ। 133 सब रजिस्ट्रारों और 97 संयुक्त सब रजिस्ट्रारों द्वारा पंजीकरण के समय धारा 7-क के प्रविधान की धज्जियां उड़ाईं गईं।

सभी आरोपितों से हरियाणा सिविल सेवाएं (दंड एवं अपील) के नियम-7 के तहत कार्रवाई करने से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया था। अब इनके जवाबों का अध्ययन किया जा रहा है जिसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। गुरुग्राम के तीन सब-रजिस्ट्रार तथा पांच संयुक्त सब-रजिस्ट्रारों के खिलाफ पहले ही आरोप पत्र जारी किए जा चुके। एक सब रजिस्ट्रार तथा पांच संयुक्त सब-रजिस्ट्रारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज कराई गई है।

वहीं, तहसीलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए अर्जी नवीसों को भी रजिस्ट्री प्रक्रिया से बाहर करने की तैयारी है। राजस्व विभाग की वेबसाइट को अपडेट कर जमीन से संबंधित 25 तरह के प्रोफार्मा इस पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन प्रोफार्मा में जमीन खरीद या बेचने वाले खुद ही पूरा ब्योरा देकर रजिस्ट्री के लिए आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अभी तक अर्जी नवीस से फाइल तैयार कराने के बाद ही रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होती है। यहीं से भ्रष्टाचार का खेल शुरू होता है।

रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया होगी आनलाइन

रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया आनलाइन करने की तैयारी है जिसमें किसी अर्जी नवीस की जरूरत नहीं रहेगी। केवल खरीद-बेचने वाले और तहसील के अधिकारी इसमें शामिल होंगे। रजिस्ट्री के लिए टोकन लेने की प्रक्रिया को पहले ही आनलाइन किया जा चुका है।

रजिस्ट्री में गड़बड़ी के आरोप में चार्जशीट किये गए 27 तहसीलदारों, 33 नायब तहसीलदारों व 16 डीआरओ को न केवल बदला जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाएगा। खासकर राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच के चलते महत्वपूर्ण स्थानों पर काबिज लोगों पर हरियाणा सरकार की निगाह है।

घोटालेबाजों को नहीं बख्शेंगे’

” जमीनों की रजिस्ट्री के मामले में अनियमितता करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जहां भी गड़बड़ी होने की आशंका हुई, वहां पर तुरंत जांच कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया आनलाइन करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। वेब हैलरिस के जरिये शहरी विकास विभाग, नगर एवं आयोजना, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचायत एवं विकास विभाग तथा आवास बोर्ड को एक-दूसरे के साथ जोड़ा गया है ताकि रजिस्ट्री में गोलमाल की कोई संभावना न रहे।

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