मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से भीषण गर्मी और अनजाने में हुई तकनीकी लापरवाही का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने सबको झंझोर कर रख दिया है। शहर के घनी आबादी वाले लालबाग इलाके में एक तीन मंजिला मकान की छत पर रखा एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया। राहत की बात यह रही कि इस भयानक दुर्घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ, लेकिन विस्फोट की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि सिलेंडर के मजबूत लोहे के परखच्चे करीब 100 मीटर की परिधि में जाकर गिरे। इस अप्रत्याशित धमाके के कारण आस-पास के कई मकानों की दीवारें हिल गईं और उनमें गहरी दरारें आ गईं।
स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हादसे के वक्त क्षेत्र का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका था। चिलचिलाती धूप के साथ-साथ सिलेंडर के ठीक बगल में चल रही एयर कंडीशनर (AC) की आउटडोर यूनिट से निकलने वाली निरंतर गर्म हवा ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने बताया: “अत्यधिक हीट ओवरलोड होने की वजह से गैस का दबाव बर्दाश्त से बाहर हो गया और यह ब्लास्ट हुआ। हम आम जनता से अपील करते हैं कि वे गैस सिलेंडरों को हमेशा सीधी धूप और गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों से दूर, किसी ठंडे व हवादार स्थान पर ही रखें।”
🔥 लापरवाही की रात और दोपहर का तांडव: मेहमानों के जाने के बाद छत पर ही छोड़ दिया था भरा हुआ गैस सिलेंडर
दरअसल, यह पूरा हादसा मुगलपुरा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले लालबाग की गली नंबर एक का है। यहाँ डिश केबल ऑपरेटर मोहम्मद इमरान का परिवार निवास करता है। रात के समय घर में मेहमानों के आगमन के कारण खुले माहौल का आनंद लेने के लिए छत पर ही भोजन पकाया गया था। कार्यक्रम की समाप्ति और देर रात मेहमानों के विदा होने के बाद, परिजन थकान के कारण सिलेंडर और चूल्हा वहीं छत पर खुला छोड़कर नीचे कमरे में सोने चले गए।
💥 अत्यधिक हीट ओवरलोड से हुआ ब्लास्ट: 100 मीटर के दायरे में गिरे लोहे के टुकड़े, आसपास के मकानों की छतें क्षतिग्रस्त
अगले दिन दोपहर में जब सूरज की तपिश अपने चरम पर थी और पास में लगी एसी की आउटडोर यूनिट लगातार बाहर की तरफ गर्म हवा फेंक रही थी, तभी सिलेंडर के भीतर का तापमान सुरक्षित सीमा से बाहर हो गया। अत्यधिक गैस दबाव (Pressure) के कारण सिलेंडर अचानक बम की तरह फट गया, जिससे उड़ती हुई ईंटों और लोहे के तीखे टुकड़ों ने आस-पड़ोस की छतों को अपनी चपेट में ले लिया।
🏚️ क्षतिग्रस्त हुए कई पड़ोसी मकान, बाल-बाल बचीं जानें: चिलचिलाती धूप के कारण घरों के अंदर थे सभी लोग
इस विस्फोट की तीव्रता इतनी भीषण थी कि पड़ोस में रहने वाले दीपक दिवाकर के घर पर रखी पानी की प्लास्टिक टंकी पूरी तरह नष्ट हो गई। वहीं, अन्य पड़ोसी कलुआ, गौरव और रितिक के मकानों की छतों पर भारी मलबा गिरने से उनकी पक्की दीवारों में गहरी दरारें आ गईं।
गनीमत यह रही कि दोपहर की चिलचिलाती धूप और लू के कारण लोग अपने-अपने घरों के भीतर सुरक्षित थे और छतों या गलियों में किसी भी प्रकार की आवाजाही नहीं थी, जिससे एक बड़ा और जानलेवा हादसा टल गया। धमाके की गूंज सुनकर बदहवास लोग डर के मारे सड़कों पर आ गए थे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और मलबे को हटाया।
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