नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने शनिवार को केंद्र सरकार से शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) से बातचीत करने की सख्त अपील की है। हजारे ने अपना एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा, “सरकार को उनके सब्र की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उनकी मांगों को लेकर आप हां कहें या न, लेकिन कम से कम बातचीत का रास्ता अपनाने में क्या हर्ज है?” गौरतलब है कि 2011 में लोकपाल कानून को लेकर अन्ना हजारे के ऐसे ही एक बड़े अनशन ने तत्कालीन यूपीए (UPA) सरकार को हिलाकर रख दिया था।
21वें दिन अस्पताल में भर्ती वांगचुक, पत्नी ने दी चेतावनी
देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटनाक्रम के बाद वांगचुक की पत्नी ने एक बड़ा और सख्त बयान देते हुए कहा है कि उनसे पूछे बिना सोनम वांगचुक को कोई दवाई न दी जाए और न ही उनका कोई इलाज शुरू किया जाए।
नीट (NEET) विवाद को लेकर चल रहा है विरोध प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
कॉजपा संस्थापक ने किया बड़े आंदोलन का ऐलान
वांगचुक को अस्पताल ले जाने की पुलिसिया कार्रवाई और इस पूरे घटनाक्रम के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके भी सामने आए हैं। शनिवार को जंतर-मंतर पहुंचकर दीपके ने पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और आने वाले दिनों में इसके खिलाफ और भी बड़े आंदोलनों का ऐलान किया है।
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