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पति के विरुद्ध प्रकरण तो पत्नी के नाम दर्ज होटल क्यों तोड़ा

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जबलपुर। हाई कोर्ट ने पति के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध होने पर पत्‍नी के नाम पर दर्ज होटल तोड़ने पर जवाब-तलब किया है। न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने इस सिलसिले में राज्य शासन, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर सागर, एसपी सागर, रोहित वर्मा तहसीलदार, ऋषिकांत यादव सीएमओ व महेद्र कुमार एचएसओ को नोटिस जारी किए हैं।

याचिकाकर्ता मकरोनिया, सागर निवासी विनीता गुप्ता की ओर से अधिवक्ता प्रमोद सिंह तोमर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने अपनी मेहनत से खुद के स्वामित्व वाली भूमि पर पांच मंजिला होटल बनाया था। इस प्रक्रिया में उसके पति को कोई सरोकार नहीं था। होटल याचिकाकर्ता के नाम पर ही दस्तावेजों में दर्ज है। इसके बावजूद उसक पति के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज होने पर होटल तोड़ दी गई। चूंकि यह रवैया संविधान के विहित प्रविधानों के उल्लंघन की परिधि में आता है, अत: न्याय अपेक्षित है। याचिकाकर्ता को पांच करोड़ का मुआवजा दिए जाने के दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही मनमानी कार्रवाई करने वाले दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐसा इसलिए भी क्योंकि याचिकाकर्ता के विरुद्ध महज आंदोलकारियों के दबाव में आकर राजनीतिक दुर्भावनावश कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। इससे उसका आर्थिक नुकसान हुआ है।

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