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72 बस्तियों में सीसी रोड और पानी पाश कालोनियों में टैक्स के बाद भी नहीं हाे रहा विकास

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भोपाल। झुग्गियों के तेजी से विकास में एक योगदान जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जाने वाले अंधाधुंध विकास कार्यों का भी है। पिछले 10 सालों में होशंगाबाद रोड की करीब 10 बड़ी कालोनियों में विकास कार्य जनभागीदारी के माध्यम से हुए, इनमें न तो पार्षद निधि खर्च की गई और न ही विधायक निधि। इसके उलट शहर की सभी बड़ी 72 झुग्गी बस्तियों को सर्वगुण संपन्न बनाने में कोई भी कसर नहीं छोड़ी गई। शहर की 150 से ज्यादा कालोनियों के लोगों ने पिछले पांच सालों से नर्मदा जल बल्क कनेक्शन के लिए आवेदन देकर रखे हैं, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं मिल सके हैं। इसमें नेहरू नगर स्थित आकृति गार्डन के लोग नर्मदा जल के लिए तरस गए हैं। वहीं पास की मांडवा बस्ती में सात साल पहले ही नर्मदा जल की आपूर्ति शुरू हो गई थी।

इन विकास कार्यों का नतीजा यह निकला कि यहां पर तेजी से अतिक्रमण होने लगा। लोगों ने ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में भी खूब अतिक्रमण किए। नियमानुसार कलियासोत नदी, डैम और बड़े तालाब के ग्रीन बेल्ट में किसी भी निर्माण कार्य पर पूरी तरह पाबंदी है, लेकिन नगर निगम पे इसे देखते हुए भी झुग्गी बस्तियों के लिए ग्रीन बेल्ट में सीसी रोड बनवाई हैं।

जाटखेड़ी की कालोनियां विकास को तरसी, झुग्गियों में मिलीं सुविधाएं

जाटखेड़ी की करीब 12 कालोनियां जिनमें आर्यन विंग्स, पूर्वासा नगर, निखिल बंग्लो, रोहित नगर फेस-3, निरुपम रायल पाम, संगरीला सोसायटी सहित अन्य कालोनियों के रहवासी 15 सालों से सड़क, ड्रेनेज सिस्टम और स्ट्रीट लाइट के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाकर थक गए, लेकिन पास बसे संजय नगर में पूर्व पार्षद नारायणी अहिरवार के कार्यकाल में सीसी रोड और नर्मदा जल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कर दी गई।

यही स्थिति रुचि लाइफ स्कैप जाने वाली सड़क की है। वहां भी न तो सड़क बन पा रही है और न ही स्ट्रीट लाइट की सुविधा दी जा रही है। ड्रेनेज न होने से हर साल यहां की सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। जाटखेड़ी की कालोनियां पिछले पांच सालों से नर्मदा जल और अच्छी सड़कों के लिए तरस रही हैं, लेकिन पास बसे संजय नगर और गणेश नगर में जनप्रतिनिधियों ने न केवल पानी की सुविधा उपलब्ध करा दी हैं। बल्कि सीसी रोड और स्ट्रीट लाइट सहित अन्य विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।

इन प्रमुख कालोनियों में जनभागीदारी से हुए काम

1. अनुजा विलेज : सड़कें, नालियां और सीसी रोड (2017)

2. सागर रायल विलास : सीवेज लाइन (2017)

3. श्रीराम कालोनी : सीसी रोड, उद्यान और नालियां (2015)

4. स्नेह नगर : सीसी रोड (2015)

5. जय भवानी : सीसी रोड और ड्रेनेज सिस्टम (2015)

हम लोग संपत्तिकर और जलदर सहित सभी करों का नियमित भुगतान करते हैं। उसके बाद भी विकास कार्यों के लिए जनभागीदारी देना पड़ रही है। न्यू कालोनी वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़ी 150 कालोनियाें ने नर्मदा जल के लिए आवेदन देकर रखा है। पर हमें कनेक्शन नहीं मिल सका। वहीं पास की सभी बस्तियों में पांच साल पहले ही पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।

– सुनील उपाध्याय, अध्यक्ष,

न्यू कालोनी वेलफेयर एसोसिएशन

करीब 12 साल से जाटखेड़ी की यह सड़क खराब है। इसे बनवाया नहीं जा रहा है। पहले भी सीवेज की समस्या थी। अब फिर यही दिक्कत हो गई है। सुबह के समय सड़क पर सीवेज भर जाता है, लेकिन इसे सुधरवाने में किसी की रुचि नहीं है। 2017 में भी दो सालों तक गुहार लगाने के बाद सागर रायल विलास सोसायटी की सीवेज लाइन डाली गई। उसमें भी कालोनी से जनभागीदारी ली गई थी।

आरएन साहू, रहवासी आर्यन विंग्स साेसायटी

महापौर मालती राय से सीधी बात

प्रश्न : लोगों का आरोप है कि पाश कालोनियों की जगह केवल झुग्गियों में ही विकास कार्य हो रहे हैं?

उत्तर : आरोप गलत है, सभी कालोनियों में भी विकास कार्य किए जा रहे हैं। हमने विकास को लेकर नई डीपीआर बनवाई है। उसमें सभी प्रमुख सड़कों के निर्माण और बड़ी कालोनियों में पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था करवाएंगे। स्ट्रीट लाइट और व्यवस्थित गार्डन बनवाए जाएंगे। अमृत योजना-2 के तहत जिन कालोनियों में सीवेज लाइन नहीं है। उन्हें भी नवीन सीवेज लाइन से जोड़ा जाएगा। भोपाल का सुनियोजित विकास किया जाएगा।

प्रश्न : भोपाल देश के प्रमुख ऐसे शहरों में शामिल है, जिनमें सबसे ज्यादा झुग्गियां हैं। इस समस्या से कैसे निपटेंगी?

उत्तर : इस समस्या का निदान तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना को बनाकर कर दिया है। प्रयास है कि इस योजना के तहत हर व्यक्ति को पक्का और सर्वसुविधा युक्त मकान दिया जाए। शहर में भविष्य में झुग्गियों को पनपने से रोका जाएगा।

प्रश्न : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी धांधली की काफी शिकायतें हैं, इनका समाधान कैसे होगा?

उत्तर : धांधली तो किसी को नहीं करने देंगे। इसकी विशेष मानिटरिंग की जाएगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

SMTV India