नोएडा: केंद्र सरकार द्वारा डीजल खरीद को लेकर जारी किए गए हालिया दिशा-निर्देशों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में हलचल मचा दी है। नए नियमों के तहत अब कोई भी उपभोक्ता खुदरा पेट्रोल पंपों से एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही खरीद सकेगा। 90 दिनों के लिए प्रभावी की गई यह व्यवस्था सोसाइटियों में पावर बैकअप के लिए इस्तेमाल होने वाले डीजल जनरेटरों (DG Sets) के संचालन पर सीधा असर डाल सकती है।
🏢 सोसाइटियों में बिजली संकट की आशंका
गौतम बुद्ध नगर में 400 से अधिक हाईराइज सोसाइटियां हैं, जो बिजली कटौती के दौरान पूरी तरह से बैकअप के लिए डीजी सेट पर निर्भर हैं। इन जनरेटरों को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिदिन भारी मात्रा में डीजल की जरूरत होती है। सोसाइटियों के बिल्डरों और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) का कहना है कि 200 लीटर की सीमा उनके संचालन के लिए नाकाफी है, जिससे बिजली बैकअप की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
💰 बढ़ सकता है मेंटेनेंस चार्ज
विशेषज्ञों के अनुसार, खुदरा पेट्रोल पंप और बल्क कमर्शियल डीजल की कीमतों में लगभग 35 से 40 रुपये प्रति लीटर का अंतर है। अब तक सोसाइटियां अपनी लागत कम करने के लिए खुदरा पंपों से डीजल खरीदती रही हैं। यदि उन्हें अब कमर्शियल डीजल खरीदना पड़ा, तो जनरेटर चलाने की लागत में भारी वृद्धि होगी, जिसका सीधा भार निवासियों पर ‘मेंटेनेंस चार्ज’ या ‘पावर बैकअप शुल्क’ के रूप में पड़ेगा।
🤝 समाधान की तलाश में बिल्डर और AOA
इस नए नियम के बाद बिल्डर और एओए पदाधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था खोजने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं। सरकार का तर्क है कि यह निर्णय आपूर्ति संतुलन बनाए रखने और कालाबाजारी रोकने के लिए लिया गया है। वहीं, स्थानीय निवासी अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या उन्हें आने वाले समय में महंगा पावर बैकअप शुल्क देना होगा या बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ेगा।
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