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तेवर की खुदाई हर दिन खुल नया राज, खुदाई में निकली हजारों साल पुरानी प्रतिमाएं

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जबलपुर। तेवर की धरती हर दिन नया राज खोल रही है। खोदाई के दौरान यहां मिलने वाले पाषाण के औजार माइक्रोलिथिक कल्चर की गवाही देते हैं। यह कल्चर करीब नौ हजार वर्ष पुराना बताया जा रहा है। माइक्रोलिथिक कल्चर का अनुमान यहां खोदाई में मिले सूक्ष्म पाषाण औजार से लगाया जा रहा है जिसे पुरातत्व विभाग ने अध्ययन के लिए सुरक्षा में रखा है। हजारों साल पुराना इतिहास उगलने वाली तेवर की धरती में खोदाई के दौरान सनातन धर्म, बौद्ध धर्म व जैन धर्म के अस्तित्व का पता चलता है। वहीं तेवर व आसपास के अन्य गांवों में 100 से ज्यादा पुरातात्विक प्रतिमाओं का पता चला है जिन्हें प्राप्त करने के लिए अधिकारी ग्रामीणों से चर्चा कर रहे हैं।

 कुछ लोगों ने स्वेच्छा से प्रतिमाएं लौटाने का आश्वासन दिया है। उन प्रतिमाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है, जिनकी स्थापना मंदिरों में कर पूजा की जा रही है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि त्रिपुर सुंदरी मंदिर के समीप प्रस्तावित संग्रहालय के लिए ग्रामीण प्रतिमाएं देने तैयार हो जाएंगे। इधर, तेवर में खोदाई के दौरान तांबा व रांगा जैसी धातु के सिक्के भी मिले हैं। रांगा जैसी धातु के सिक्के हजारों वर्ष पुराने कल्चर की ओर इशारा करते हैं। विदित हो कि तेवर क्षेत्र में पुरातत्व विभाग द्वारा दो स्थान पर उत्खनन शिविर लगाकर खोदाई की जा रही है। उप अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. सुजीत नयन के निर्देश पर सहायक पुरातत्वविद डॉ. महेंद्र पाल की देखरेख में खोदाई का कार्य जारी है।

पहले पत्थर से निर्मित गोले का उपयोग आक्रमण व सुरक्षा के लिए करते थे। बहुचर्चित फिल्म बाहुबली में युद्ध के दौरान जिस तरह के पत्थर के गोलों का उपयोग विपक्षी सेना पर हमले के लिए किया गया था उसी तरह के अलग-अलग आकार के पत्थरों के गोले तेवर में पाए गए हैं। पत्थरों का गोला पहाड़ों से लुढकाकर भी दुश्मनों के छक्के छुड़ाए जाते थे।

तेवर गांव के कई मंदिरों में पुरातात्विक प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने प्रतिमाओं की स्थापना की थी। तमाम प्रतिमाएं ऐसी हैं जिनकी स्थापना घर-घर की गई है। गांव के भीतर जाने वाले रास्तों के किनारे बने चबूतरों में पुरातन महत्व की सैकड़ों प्रतिमाएं स्थापित हैं।

 खोदाई के दौरान हिंदू धर्म के तमाम देवी देवताओं की प्रतिमा का पता चला। तेवर गांव में कई मंदिर ऐसे हैं जहां पुरातात्विक प्रतिमाओं की पूजा अर्चना की जा रही है।

 बौद्ध धर्म की आराध्य तारा देवी की कई प्रतिमाएं तेवर में मिल चुकी हैं, जिससे पुरातन काल में यहां बौद्ध धर्म की सक्रियता के प्रमाण मिलते हैं।

 तेवर में खोदाई के दौरान जैन धर्म के तीर्थंकर ऋषभनाथ की प्रतिमा मिली है। जिससे यहां पुरातन काल में जैन धर्म के प्रचार प्रसार का पता चलता है।

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