भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर भाजपा के प्रत्याशी महेश केवट के नामांकन के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस को अपनी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित करने और विधायकों में ‘क्रॉस वोटिंग’ को रोकने के लिए मजबूरन अपने सभी विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से बेंगलुरु शिफ्ट करना पड़ रहा है।
🚩 भाजपा पर प्रलोभन के आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा उनके विधायकों को लुभाने और प्रलोभन देने की कोशिश कर रही है। हालांकि कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल है, फिर भी पार्टी किसी भी प्रकार का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी को सुरक्षित रखने के लिए पार्टी ने अभेद्य रणनीति अपनाई है।
🏨 रिसॉर्ट में रहेंगे विधायक
बेंगलुरु जाने के लिए विधायकों के दो जत्थे तैयार किए गए हैं। ज्यादातर विधायक भोपाल एयरपोर्ट पहुँच चुके हैं और चार्टर्ड विमानों के जरिए वे सीधे बेंगलुरु उड़ान भरेंगे। वहां सभी विधायक एक सुरक्षित रिसॉर्ट में ठहरेंगे। सूत्रों के अनुसार, ये सभी विधायक 16 जून को मतदान के लिए वापस भोपाल लौटेंगे।
🗳️ क्या है राज्यसभा चुनाव का गणित?
मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। भाजपा ने दो सीटों पर तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के बाद तीसरी सीट पर महेश केवट को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। इस स्थिति में कांग्रेस अपनी एक सीट को बचाने के लिए पूरी तरह सतर्क है और विधायकों की एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रदेश से बाहर ले जाने का निर्णय लिया गया है।
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