नेल पॉलिश सिर्फ नाखूनों की खूबसूरती बढ़ाने का साधन नहीं है, बल्कि इसका सही चुनाव आपके नाखूनों की सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है। बाजार में मिलने वाली हर नेल पॉलिश पूरी तरह सुरक्षित हो, ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है। कई नेल पॉलिश में ऐसे हानिकारक केमिकल मौजूद होते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर नाखूनों को कमजोर कर सकते हैं। कुछ मामलों में तो यह त्वचा और शरीर पर भी बुरा असर डाल सकते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट्स का भी यही कहना है कि नेल पॉलिश खरीदते समय केवल उसका रंग या ब्रांड न देखें, बल्कि उसके लेबल और इंग्रीडिएंट्स (Ingredients) को भी ध्यान से पढ़ें।
नेल पॉलिश खरीदते समय लेबल पर क्या देखें?
अगर आप नियमित रूप से नेल पॉलिश लगाती हैं, तो खरीदने से पहले पैकेजिंग पर कुछ जरूरी बातें जरूर जांच लें:
‘5-Free’ या ‘7-Free’ लेबल: आजकल कई ब्रांड अपने प्रोडक्ट पर 5-Free, 7-Free या Free From जैसे लेबल लिखते हैं। इसका मतलब है कि उस नेल पॉलिश में वे हानिकारक केमिकल शामिल नहीं हैं, जिन पर स्वास्थ्य संबंधी सवाल उठते रहे हैं।
भरोसेमंद ब्रांड चुनें: सस्ते और बिना पहचान वाले ब्रांड कई बार अपने इंग्रीडिएंट्स की स्पष्ट जानकारी नहीं देते। हमेशा ऐसे ब्रांड चुनें जो पूरी पारदर्शिता रखते हों।
वॉटर-बेस्ड या किड्स-सेफ: अगर आपके नाखून संवेदनशील हैं या आप बार-बार नेल पॉलिश लगाती हैं, तो वॉटर-बेस्ड या ‘Kids Safe’ लेबल वाले विकल्प ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं।
जेल और एक्रेलिक का सीमित इस्तेमाल: जेल नेल पॉलिश सुखाने के लिए यूवी (UV) लाइट की जरूरत होती है, जिससे नाखून कमजोर हो सकते हैं। वहीं, एक्रेलिक नेल प्रोडक्ट्स में भारी धातुओं के अंश हो सकते हैं, इसलिए इन्हें केवल नेल आर्ट तक सीमित रखना बेहतर है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, नेल पॉलिश में अगर ये केमिकल मौजूद हों, तो आपको सावधानी बरतनी चाहिए:नेल पॉलिश में मौजूद इन खतरनाक केमिकल्स से बचें
फॉर्मलडीहाइड (Formaldehyde): एलर्जी, खुजली और त्वचा में जलन का कारण बन सकता है।
टोल्यून (Toluene): इसके अधिक संपर्क से सिरदर्द और चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है।
डीबीपी (DBP): इसे सीधे तौर पर हार्मोनल बदलावों से जोड़कर देखा जाता है।
कैंफर (Camphor): अधिक मात्रा होने पर नाखून रूखे और कमजोर हो जाते हैं।
जाइलीन (Xylene): इससे आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
नेल पॉलिश तभी खूबसूरत दिखती है, जब नाखून पहले से साफ और स्वस्थ हों। सबसे पहले पुरानी नेल पॉलिश को हटाकर नाखूनों को अच्छी तरह साफ करें। उन्हें मनचाही शेप में काटें और फाइल करें। क्यूटिकल्स को धीरे-धीरे पीछे करें। नाखूनों के आसपास की त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर या क्यूटिकल ऑयल लगाएं, लेकिन ध्यान रखें कि नाखून की सतह पर तेल न लगे, वरना नेल पॉलिश ठीक से नहीं टिकेगी।नेल पॉलिश लगाने से पहले ऐसे करें नाखूनों की तैयारी
स्किन टोन के अनुसार कैसे चुनें परफेक्ट नेल पॉलिश?
सही रंग चुनने से नेल पॉलिश का लुक और भी निखर कर आता है:
कूल अंडरटोन: अगर आपकी स्किन का अंडरटोन कूल है, तो पिंक, ब्लू और बेरी शेड्स बहुत अच्छे लगते हैं।
वार्म अंडरटोन: वार्म स्किन टोन पर कोरल, ऑरेंज और वार्म रेड शेड्स ज्यादा खूबसूरत दिखते हैं।
न्यूट्रल अंडरटोन: न्यूट्रल अंडरटोन वाले लोग लगभग सभी रंग आसानी से कैरी कर सकते हैं।
सबसे पहले एक अच्छी क्वालिटी का बेस कोट (Base Coat) लगाएं, इससे नाखूनों को सुरक्षा मिलती है। इसके बाद दो से तीन पतली लेयर्स में नेल पॉलिश लगाएं। हर लेयर को पूरी तरह सूखने दें, तभी अगली लेयर लगाएं। एक साथ मोटी परत लगाने से नेल पॉलिश जल्दी निकल जाती है। अंत में टॉप कोट (Top Coat) जरूर लगाएं, इससे चमक बनी रहती है और नेल पॉलिश जल्दी खराब नहीं होती।नेल पॉलिश लगाने का सही तरीका क्या है?
इन गलतियों से नाखूनों को पहुंच सकता है नुकसान
-
गंदे या तैलीय नाखूनों पर सीधे नेल पॉलिश लगाना।
-
नेल पॉलिश को खुरचकर या दांतों से चबाकर हटाना।
-
कई हफ्तों तक लगातार बिना गैप दिए नेल पॉलिश लगाए रखना।
-
क्यूटिकल्स को जोर से काटना या छीलना।
-
बार-बार एसिटोन (Acetone) वाले रिमूवर का अधिक इस्तेमाल करना।
नाखूनों को कब देना चाहिए आराम?
अगर नाखूनों पर सफेद धब्बे दिखाई दें, उनका रंग पीला पड़ने लगे, खुजली हो, नाखून बहुत पतले या मोटे होने लगें, उनमें दरारें आएं या आसपास की त्वचा में सूजन दिखे, तो कुछ हफ्तों तक नेल पॉलिश लगाने से बचें। यदि समस्या लगातार बनी रहे, तो स्वयं इलाज करने की बजाय किसी त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से सलाह लें। हमेशा याद रखें, स्वस्थ नाखून ही किसी भी नेल पॉलिश की असली खूबसूरती को निखारते हैं।
यह खबर आपको कैसी लगी?


लाइफ स्टाइल






























