नूंह: वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और वाहनों से होने वाले हानिकारक उत्सर्जन को कम करने के लिए हरियाणा सरकार ने एक कड़ा कदम उठाया है। 1 जुलाई 2026 से राज्य के सभी पेट्रोल पंपों पर ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के वाहन चालकों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा।
📋 सरकार का बड़ा फैसला, प्रदूषण पर लगाम की तैयारी
नूंह जिले सहित पूरे हरियाणा में यह नियम सख्ती से लागू किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य वाहन मालिकों को समय-समय पर अपनी गाड़ियों की प्रदूषण जांच करवाने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल का स्वागत करते हुए आम जनता का मानना है कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगा।
🛠️ पेट्रोल पंप संचालकों के निर्देश
पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार की गाइडलाइन का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। पंप मालिकों ने भी कहा है कि 1 जुलाई से वे बिना पीयूसी सर्टिफिकेट वाले किसी भी वाहन में ईंधन नहीं डालेंगे। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में एक समान रूप से लागू रहेगी।
🚗 वाहन चालकों के लिए सलाह
सभी वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि यदि आपकी गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है या नहीं बना है, तो 1 जुलाई से पहले इसे बनवा लें। पीयूसी प्रमाणपत्र न होने की स्थिति में आपको ईंधन भरवाने में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। अपनी गाड़ी के कागजात दुरुस्त रखें और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दें।
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