खंडवा। लू-तापघात के मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी जुगतावत ने बताया कि तेज गर्मी व लू को ध्यान में रखते हुए संभावित मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी सिविल अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है।
💊 स्वास्थ्य संस्थाओं में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध, नागरिकों से अपील
सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में लू-तापघात से उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकाल में बढ़ते तापमान एवं लू से बचने के लिए जिले के सभी नागरिकों से सावधानियां बरतने की अपील की गई है कि वे अधिक देर तक बाहर धूप में न रहें।
🤒 लू लगने पर दिखते हैं ये गंभीर लक्षण, शरीर में हो जाती है पानी की कमी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि लू के शिकार व्यक्ति को तेज सिरदर्द होता है, मुंह-जुबान सूखने लगती है, माथे, हाथ, पैर में पसीना आता है व घबराहट होती है। इसके अलावा अत्यधिक प्यास लगती है, उल्टी होती है, भूख नहीं लगती है तथा हालत अधिक खराब होने पर मरीज बेहोश तक हो जाता है। त्वचा एकदम शुष्क हो जाती है और शरीर का तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट से अधिक हो जाता है।
⚠️ ‘पानी की कमी से जा सकती है जान, बरतें पूरी सावधानी’
गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इस दौरान बुखार, हाथ-पैरों में दर्द, आंखों और पेशाब में जलन के साथ ही कभी-कभी दस्त भी लग सकते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए बताया कि शरीर में पानी की अत्यधिक कमी के कारण मरीज की मृत्यु भी हो सकती है, इसलिए समय रहते उपचार और सावधानी बेहद जरूरी है।
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