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टेलिकॉम सेक्टर से केंद्र सरकार को कम कमाई के आसार, जानिए क्या रही इसकी वजह

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आगामी वित्त वर्ष 2021-22 में टेलिकॉम सेक्टर से कम कमाई के आसार का इजहार किया गया है। संसद में सोमवार को पेश किए गए बजट दस्तावेजों के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में 53,986 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान टेलिकॉम सेक्टर से 1.33 लाख करोड़ रुपये अनुमानित रेवेन्यू मिलने का अनुमान जाहिर किया था। हालांकि सोमवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टेलिकॉम सेक्टर से होने वाली अनुमानित रेवेन्यू में 33,737 करोड़ रुपए की कटौती की है।  

मार्च में होनी है स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया 

अगर टेलिकॉम सेक्टर से होने वाली कमाई पर गौर करें, तो मुख्य तौर पर कमाई का बड़ा हिस्सा टेलिकॉम ऑपरेटरों से वसूले जाने वाले लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के तौर पर प्राप्त होता है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स से लाइसेंस समेत कई तरह के चार्ज वसूलता है। लाइसेंस शुल्क समायोजित सकल राजस्व (AGR) के 8% पर लगाया जाता है – जिसे दूरसंचार सेवाओं की बिक्री से आय माना जाता है। केंद्र सरकार की तरफ से टेलिकॉम सेक्टर के अनुमानित रेवेन्यजू में कटौती का ऐलान ऐसे वक्त में किया है, जिस वक्त में केंद्र सरकार की तरफ से 5G स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया को जाम दिया जा रहा है। बता दें कि भारत में मार्च 2021 में स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया होगी। इसमें 3.92 लाख करोड़ रुपये के मूल्य के रेडियो वेव को नीलामी के लिए रखा जाएगा। केंद्र सरकार आगामी 1 मार्च 2021 को मोबाइल सर्विस के 7 स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी करेगी। 

अनुमानित रेवेन्यू में कटौती की वजह 

केंद्र सरकार की तरफ से टेलिकॉम सेक्टर से होने वाले अनुमानित रेवेन्यू में कमी की क्या वजह रही है। फिलहाल इसके बारे में कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि शायद सरकार टेलिकॉम कंपनियों की कमजोर हालत के चलते कम कीमत में स्पेक्ट्रम नीलामी करने को मजबूर है। इसके चलते केंद्र सरकार ने अनुमानित रेवेन्यू को कम किया है।  

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