शनिवार को असम में ऐतिहासिक करार हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में कार्बी आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। गृह मंत्री ने कहा कि यह दिन निश्चित रूप से असम और कार्बी क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णमयी अक्षरों के साथ लिखा जाएगा। आज 5 से अधिक संगठनों के लगभग 1000 कैडर ने हथियार डाले और मुख्याधारा में लौटने की शुरुआत की है।उन्होंने कहा कि कार्बी आंगलोंग के संबंध में असम सरकार पांच साल में एक क्षेत्र के विकास के लिए करीब 1000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। नरेंद्र मोदी सरकार की नीति है कि जो समझौता हम करते हैं, उसकी सभी शर्तों का पालन हम अपने ही समयकाल में पूरा करते हैं।
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समझौते से कार्बी आंगलोंग इलाके में आएगी शांति
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि असम में दो आदिवासी समूह बोडो और कार्बी असम से अलग होना चाहते थे। 2009 में बोडो समझौता हुआ और इसने असम की क्षेत्रीय अखंडता को बसाते हुए विकास का नया रास्ता खोला। आज कार्बी समझौता हुआ। इससे कार्बी आंगलोंग इलाके में शांति आएगी।



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