रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत पर केंद्र सरकार को घेरा। सहाय ने कहा कि बढ़ती महंगाई के विरोध में संसद सत्र में कांग्रेस सांसद विरोध करेंगे। मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए टैक्स को कम करने की मांग की जाएगी। कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगर सदन में कोई घोषणा नहीं, करेगी तो कांग्रेस सड़क की लड़ाई लड़ेगी। यह देश पीएम मोदी का नहीं, यह देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का है। केंद्र सरकार के दमन के खिलाफ हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
सहाय ने कहा कि केंद्र सरकार ने सात साल में जनता की जेब पर डाका डालकर 20 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। इस दौरान 69 बार पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाई गई। यह सरकार संवेदनहीन और बेपरवाह है। महंगाई के बोझ से आज जनता दब गई है। कोरोना संकट में बड़े पैमाने पर रोजगार गए। इस सरकार में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गए। लोग अब भूख से मरने की कगार पर पहुंच गए हैं।
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सरकार में थोड़ी ईमानदारी होती तो लोगों की जेब में पैसा डालती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सहाय ने कहा कि अकेले अप्रैल और मई में दो करोड़ लोगों की नौकरियां चली गईं। 97 प्रतिशत लोगों को आज कम वेतन मिल रहा है। नौकरी खोने और कम वेतन मिलने के चलते देशवासियों को रिटायरमेंट के लिए बचाकर रखे गए अपने प्राविडेंट फंड में से लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये निकालने पर मजबूर होना पड़ा।
कोरोना नहीं, आर्थिक कुप्रबंधन ने तोड़ी कमर
सहाय ने कहा कि जीडीपी वृद्धि दर कम होती जा रही हो, ऐसे में सरकार द्वारा मूल्यों में वृद्धि एक जघन्य कृत्य है। इस आर्थिक बर्बादी का कारण केवल कोरोना नहीं है। हमारी अर्थव्यवस्था पर महामारी का साया पड़ने से पहले ही अनेक विपत्तियां आ चुकी थीं। वृद्धि दर वित्तवर्ष 2017 में 8.2 प्रतिशत से घटकर वित्तवर्ष 2020 में 4.1 प्रतिशत रह गई। यह सब नोटबंदी, त्रुटिपूर्ण तरीके से लागू की गई जीएसटी एवं मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण हुआ।
पेट्रोल और डीजल की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि
सहाय ने कहा कि पेट्रोल की कीमतें इतिहास में पहली बार सभी चार मेट्रो और देश के 250 से अधिक शहरों में 100 रुपये को पार कर गई हैं। एक अप्रैल से 12 जुलाई 2021 के बीच पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें 66 बार बढ़ाई गई हैं। पिछले सात सालों में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 247 प्रतिशत और डीजल पर 794 प्रतिशत वृद्धि की गई। पेट्रोल पर एक्साइज में प्रति लीटर वृद्धि पिछले सात सालों में 23.42 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 28.24 रुपये प्रति लीटर की गई।



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