इंडिया गठबंधन के नेतृत्व को लेकर आपस में कलह सामने आ रही है. इस बीच आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करने को लेकर समर्थन किया है. साथ ही साथ उन्होंने कांग्रेस को सीधी नसीहत देत हुए उसकी आपत्तियों को बेबुनियाद करार दिया है.
पटना में लालू यादव ने कहा, ‘कांग्रेस की आपत्ति का कोई मतलब नहीं है. हम ममता बनर्जी का समर्थन करेंगे. ममता बनर्जी को (इंडिया ब्लॉक का) नेतृत्व दिया जाना चाहिए. हम 2025 में फिर से सरकार बनाएंगे.’ 🔔 यह भी पढ़ें... इससे पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा था, ‘इस मामले पर अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई. जब गठबंधन के वरिष्ठ नेता एक साथ बैठेंगे और इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे, तब इस तरह की बातें तय की जाएंगी. मुझे नहीं लगता कि गठबंधन चलाने के लिए वरिष्ठ नेताओं के नामों पर कोई आपत्ति होगी. इंडिया गठबंधन के भीतर राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर संदेह जताया जा रहा है. हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की स्थिति में सुधार हुआ था और गठबंधन ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव में राहुल गांधी का जादू नहीं चला, जिसके बाद इंडिया गठबंधन के नेतृत्व पर सवाल उठने लग गए हैं. ममता बनर्जी के बयान के बाद से उनका कई सहयोगी दलों ने समर्थन किया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एससीपी) के प्रमुख शरद पवार ने टीएमसी की ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से वह गठबंधन का नेतृत्व करने में सक्षम हैं. वह इस देश की एक प्रमुख नेता हैं. उनमें वह क्षमता है. उन्होंने संसद में जिन नेताओं को चुना है, वे जिम्मेदार, कर्तव्यनिष्ठ और जागरूक लोग हैं इसलिए उन्हें ऐसा कहने का अधिकार है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव का कहना है कि ममता बनर्जी की इंडिया गठबंधन में भूमिका के बारे में निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएा क्योंकि वह गठबंधन का हिस्सा हैं. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बनर्जी की भागीदारी के लिए समर्थन दोहराया. उन्होंने कहा कि वे उन्हें एक प्रमुख भागीदार के रूप में चाहते हैं और जल्द ही कोलकाता में उनसे मिलने की योजना बना रहे हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी राजा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भारत इंडिया के अध्यक्ष के रूप में उठाई गई चिंताओं को दूर करना चाहिए. वहीं, सपा ने भी ममता बनर्जी का साथ दिया है. इंडिया गठबंधन में अपनी भूमिका को लेकर ममता बनर्जी ने कहा था कि उन्होंने इंडिया गठबंधन का गठन किया था, अब इसे प्रबंधित करने की जिम्मेदारी उन लोगों पर है जो मोर्चे का नेतृत्व कर रहे हैं. अगर वे शो नहीं चला सकते, तो मैं क्या कर सकती हूं? मैं बस इतना ही कहूंगी कि सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने गठबंधन की कमान खुद क्यों नहीं संभाली, तो बनर्जी ने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें मौका मिला तो वे इसके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करेंगी. वह पश्चिम बंगाल से बाहर नहीं जाना चाहती, लेकिन वह इसे यहीं से चला सकती हैं. सीएम के इस बयान के बाद इंडिया गठबंधन के संभावित नेतृत्व के बारे में अटकलों लगाई जाने लगी.इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने क्या कहा?
ममता बनर्जी ने क्या दिया था बयान?



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