जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए सेना लगातार अभियान चल रही है, इसके साथ ही दहशतगर्दों के मददगारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इस बीच घाटी में सक्रिय सबसे बड़े आतंकवादी समूहों में से एक, लश्कर-ए-तैयबा ने कश्मीरी पंडितों को खुले तौर अंजाम भुगतने की धमकी दी है.
कश्मीरी पंडितों के लिए लश्कर-ए-तैयबा बाज़ दस्ते ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें कहा है कि राहुल पंडित, बिंदरू और अन्य लोगों के साथ आपका भी वही हश्र होगा उसके लिए तैयार रहें. अंग्रेजी में लिखे इस पत्र में कहा गया है कि कश्मीरी पंडितों को पहले ही ये चेतावनी दू गई थी अपने फायदे के लिए बलि का बकरा न बनें, लेकिन सभी लोग उसी रास्ते पर चल रहे हैं.
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‘आप सब मौत के रास्ते पर चल रहे हैं’
पत्र की शुरूआत सलाम के साथ होती है, जिसके आगे कहा गया है ‘पहले हमने कश्मीरी प्रवासी पंडितों को सलाह दी थी या चेतावनी दी थी कि वो तुच्छ लाभों के लिए बलि का बकरा न बनें, लेकिन आप सब क्रूर मौत के रास्ते पर चलते दिख रहे हैं’.
‘सहयोगियों का अंजाम जानते हैं’
इसके आगे कहा गया है कि आप सभी अपने बीच के उन सहयोगियों का अंजाम जानते हैं, जैसे राहुल पंडित, बिंदरू, मोहन लाल और कई अन्य, जिन्होंने चेतावनी के बावजूद अपने अंजाम को अनसुना कर दिया. लश्कर ने कहा कि उनकी तरह मत बनो और अपना नाम उनकी मौत की सूची में मत लिखवाओ.
लश्कर ने कहा कि IIOJK, विशेषकर कश्मीर की जनसांख्यिकीय स्थिति को बदलने के लिए, इस संघी शासन ने विशेष रूप से स्थानीय कश्मीरियों को बदनाम करने और उन्हें दानव के रूप में दिखाने के लिए आपका इस्तेमाल किया था. झूठे आरोपों पर स्थानीय कर्मचारियों को बर्खास्त करके, आपकी नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त करके, गैर-स्थानीय लोगों को खुश करने के लिए स्थानीय संपत्तियों को जब्त करके, यह संघी शासन इन गैर-स्थानीय लोगों और आप कश्मीरी प्रवासी पंडितों के और भी भयानक नरसंहार का मार्ग प्रशस्त कर रहा है.
‘आपके काम पर हमारी नजर है…’
लश्कर ने आगे कहा कि पहले हमने आपको निशाना बनाने की अपनी गतिविधियों को रोक रखा था क्योंकि कुछ कश्मीरी प्रवासी पंडित समूहों और आपके वरिष्ठों ने आश्वासन दिया था कि वो संघी शासन के हाथों में नहीं खेलेंगे और बलि का बकरा नहीं बनेंगे,लेकिन अब आपने अपने वरिष्ठों और अपने ही समूहों द्वारा किए गए इस समझौते को तोड़ दिया है, इसलिए राहुल पंडित, बिंदरू और अन्य लोगों के साथ आपका भी वही हश्र होगा उसके लिए तैयार रहें. लश्कर ने कहा कि आपके कार्यों पर हमारी नजर है और हम उन्हें अनदेखा नहीं कर रहे हैं. लश्कर ने कहा कि विपत्ति आने पर मगरमच्छ के आंसू न बहाएं.



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