उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा केस मामले में एएसपी अनुज चौधरी सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. उन याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई होगी. उत्तर प्रदेश सरकार एवं एएसपी अनुज चौधरी ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं और उनमें संभल की सीजेएम कोर्ट के 9 जनवरी को पारित आदेश को चुनौती दी गई है. कोर्ट ने अनुज चौधरी सहित 20 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया था.
सीजेएम चंदौसी जिला संभल द्वारा 156 (3) के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश को उत्तर प्रदेश सरकार और अनुज चौधरी ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर चुनौती दी है.
24 नवंबर 2024 को संभल हिंसा के दौरान मोहम्मद आलम पर गोली चलाने के आरोप में सीजेएम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. चंदौसी संभल के तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर ने अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.
जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच आज करेगी सुनवाई
सीजेएम के 9 जनवरी 2026 के आदेश को रद्द करने की मांग में याचिका दाखिल की गई है. सोमवार को जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.
यह पूरा केस 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा से संबंधित है. मोहम्मद आलम नामक युवक हिंसा के दौरान गोली लगने से घायल हो गया था. पुलिस ने उसे आरोपी बनाया है. उसके बाद आलम के पिता मोहम्मद यामीन ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की. यह अर्जी 156(3) के तहत दाखिल की गई.
आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे पर जानबूझ कर गोली चलाई थी. इस पर संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर ने तत्कालीन सीओ अनुज कुमार चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर एवं अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.
अनुज चौधरी पर FIR दर्ज करने के आदेश को चुनौती
अनुज चौधरी पदोन्नति कर दी गई है. वह फिलहाल फिरोजाबाद में एएसपी के पद पर हैं, जबकि आदेश देने वाले सीजेएम का भी तबादला हो गया है. वह फिलहाल सुल्तानपुर में तैनात हैं.
जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच में आज इस मामले की सुनवाई होगी. इससे पहले 2 फरवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अगली तारीख 9 फरवरी निश्चित की थी. यूपी सरकार की ओर से दायर याचिका में शिकायतकर्ता यामीन को प्रतिवादी बनाया गया है.
दूसरी ओर, एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में आरोपी मोहम्मद आलम को पहले ही 25 फरवरी तक के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है. अब सभी की निगाहें आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं कि इलाहाबाद हाईकोर्ट संभल कोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश के खिलाफ याचिका पर क्या राय देता है?



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