साहिबगंज: झारखंड को अलग राज्य बने 25 साल हो गए लेकिन नगर परिषद क्षेत्र के तहत आने वाली खासमहाल की समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ. नगर परिषद चुनाव की तैयारी जोर शोर से चल रही है. 27 फरवरी को नतीजे भी घोषित किए जाएंगे. ऐसे में चुने हुए प्रतिनिधियों को खासमहाल की समस्या से जूझना पड़ सकता है और योजनाओं को लागू करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
सरकार के पास है जमीन पर मालिकाना हक
साहिबगंज नगर परिषद क्षेत्र में कुल 1,357.57 एकड़ जमीन खासमहाल की है. पहले यहां से जमीन का लगान वसूला जाता था, लेकिन 30 मार्च 2000 के बाद जमीन की रसीद कटनी बंद हो गई. इसके खिलाफ लोगों ने आंदोलन किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. हालांकि, साहिबगंज के लोगों की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई, मगर समाधान होना अभी बाकी है.
खासमहाल की जमीन का मालिकाना हक सरकार के पास है और लोगों को जमीन लीज पर दी गयी थी. लीज की अवधि समाप्त हो चुकी है. इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती है. हालांकि, दान पत्र के माध्यम से लोग एक-दूसरे को जमीन बेच रहे हैं, जो गैर कानूनी है. पैसे न मिलने से सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है. दूसरी ओर जमीन संबंधी विवाद लगातार बढ़ रहे हैं. इस जमीन पर बैंक कारोबार के लिए ऋण नहीं देता है. नगर परिषद नक्शा भी पास नहीं करती है. सकारात्मक रिपोर्ट के बाद भी कोई असर नहीं- सदस्य, खासमहाल समिति 2000 तक शहर की रैयती जमीन की रसीद कटती थी, जो बंद में कर दिया गया. तब से लेकर अब तक इसे समाप्त करने के लिए लोग आंदोलन कर रहे हैं. शहर का 90 फीसद से ज्यादा हिस्सा खासमहाल की जमीन पर ही बसा हुआ है. लोगों के पास जमीन की पुरानी लगान रसीद भी है. यहां के लोगों की मांग को देखते हुए झारखंड बनने के बाद विधानसभा की कई कमेटियां जांच के लिए साहिबगंज आई. सकारात्मक रिपोर्ट भी सौंपी गई लेकिन कुछ नहीं हुआ. साहिबगंज की जमीन खासमहाल नहीं है- सेवानिवृत्त अंचलाधिकारी साहिबगंज की जमीन खासमहाल है ही नहीं, यह जबरदस्ती काला कानून थोपा गया है. विधानसभा की कमेटी ने जांच में पाया कि यहां की जमीन रैयती है. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. कई बार जांच में पुष्टि हो चुकी है. सरकार ने आश्वासन दिया है कि यहां की जमीन को खासमहाल मुक्त कर दिया जाएगा, मगर अभी तक ऐसा हुआ नहीं है.



झारखण्ड








शेयर करें



















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































