केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार से तीन दिन के बिहार प्रवास पर रहेंगे. इस दौरान शाह सीमांचल जाकर डीएम-एससी के साथ बैठक करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान सीमांचल के सातों जिलों में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव पर भी चर्चा की जाएगी. शाह के दौरे को देखते हुए बिहार सरकार अलर्ट मोड में है.
गृह मंत्री अमित शाह अपने दौरे के दौरान अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में बैठकें करेंगे. प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत उनका फोकस इंडो-नेपाल सीमा से सटे गांवों पर रहेगा. इन सीमा से सटे डीएम और एसपी को शाह खास निर्देश देंगे, जिससे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके. बैठक के दौरान अमित शाह का बॉर्डर क्षेत्रों में अवैध धार्मिक निर्माण डेमोलिशन भी जोर रहेगा. राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सातों जिलों के डीएम और एसपी को तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
‘नक्सल मुक्त’ की तरह ‘घुसपैठ मुक्त’ बनाने का संकल्प
गृह मंत्री का फोकस न केवल सुरक्षा पर है, बल्कि कानून-व्यवस्था और विकास को मजबूत करके क्षेत्र को ‘नक्सल मुक्त’ की तरह ‘घुसपैठ मुक्त’ बनाने का संकल्प है. शाह का यह तीन दिवसीय प्रवास 25 फरवरी से शुरू हो रहा है और 27 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान वे गृह मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ मिलकर बड़े एक्शन प्लान तैयार करेंगे, जिसका असर आने वाले महीनों में दिखाई देगा. इस बीच अमित शाह खास तौर पर वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चयनित पंचायतों का निरीक्षण भी कर सकते हैं. हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं.
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
गृह मंत्री के दौरे की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है. सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी एक्टिव हैं. अधिकारियों को विकास योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. पंचायत स्तर तक तैयारी सुनिश्चित की जा रही है. शाह बॉर्डर गार्डिंग फोर्स SSB के अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे. इस बैठक में ED और अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी शामिल रहेंगे.
सीमांचल में मुस्लिमों की आबादी अधिक
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीमांचल के जिलों में मुस्लिम आबादी राज्य औसत (17.7 फीसदी) से काफी अधिक है. किशनगंज में 68 फीसदी तक, जबकि अररिया, कटिहार और पूर्णिया में भी 50-70 फीसदी के आसपास है. नेपाल और बांग्लादेश से सटी खुली सीमाओं के कारण घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है. सरकार का मानना है कि डेमोग्राफिक बदलाव सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. यह चिंता का भी विषय है. इस पूरे मामले को लेकर ही शाह सीमांचल के डीएम और एसपी के साथ बैठक करेंगे.



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