बलौदा बाजार: कृषक उन्नति योजना के तहत, शनिवार को सीएम विष्णु देव साय ने प्रदेश के किसानों के खाते में धान खरीदी की अंतर राशि ट्रांसफर की. जिले के करीब 1.57 लाख से अधिक किसानों के खातों में 578 करोड़ की राशि जमा की गई. होली से पहले खातों में पैसे आने पर किसानों के घरों में होली जैसा उत्सव हो गया है. इस मौके पर प्रदेश के मंत्री टंकराम वर्मा ने किसानों को स्प्रेयर पम्प, मछुआ समितियों को जाल और आइस बॉक्स भी बांटे.
कृषक उन्नति योजना 2026
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जिले के 1,57,378 किसानों को 578 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई. राज्य स्तरीय आयोजन बिलासपुर जिले के ग्राम रहंगी में हुआ, जहां से प्रदेशभर के जिलों को वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया. बलौदा बाजार जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.
होली से पहले दिवाली जैसा उत्सव
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा, सरकार का लक्ष्य केवल फसल खरीदी तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन में स्थायी समृद्धि लाना है. प्रदेश के 25 लाख से अधिक अन्नदाताओं के परिश्रम को सम्मान देते हुए अंतर राशि उनके खातों में पहुंचाई गई है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए लगातार काम कर रही है और चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है. किसानों को समय पर भुगतान, समर्थन मूल्य और अतिरिक्त अंतर राशि देने जैसी पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है.
578 करोड़ से अधिक की राशि किसानों को मिली
जिले के 1,57,378 किसानों के खातों में कुल 578 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर हुई है. यह रकम सीधे बैंक खातों में पहुंची, जिससे पारदर्शिता और त्वरित भुगतान सुनिश्चित हुआ. कई किसानों के लिए यह राशि होली से पहले मिली आर्थिक राहत के रूप में देखी जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में इस भुगतान को लेकर खासा उत्साह देखा गया. किसानों का कहना है कि समय पर मिली यह राशि खेती-किसानी के साथ-साथ घरेलू जरूरतों में भी सहायक होगी.
उपकरण वितरण से उत्पादन क्षमता को मिलेगा बल
कार्यक्रम के दौरान केवल राशि अंतरित करने तक बात सीमित नहीं रही, बल्कि किसानों और मछुआरों को उपयोगी उपकरण भी वितरित किए गए.
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि सीधे किसानों के खातों में जाने से स्थानीय बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी. कृषि उपकरण, बीज, खाद, घरेलू सामान और छोटे व्यवसायों में लेन-देन बढ़ने की संभावना है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है. जब किसान के पास पैसा आता है तो उसका सीधा असर बाजार, ट्रांसपोर्ट, छोटे दुकानदार और सेवा क्षेत्र पर पड़ता है.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आएगी तेजी



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