खंडवा | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाचार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में खंडवा में आयोजित ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ के अंतिम दिन मातृशक्ति के बीच वैचारिक मंथन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मालवा प्रांत प्रचार प्रमुख श्री जयशंकर शर्मा रहे, जिन्होंने संघ की 100 वर्षों की यात्रा और भविष्य के लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
✨ गुणवत्तापूर्ण समाज का निर्माण: संघ की शताब्दी यात्रा का अगला पड़ाव
श्री जयशंकर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन बढ़ाना नहीं, बल्कि धर्म का संरक्षण करते हुए पूरी दुनिया का कल्याण करना है। उन्होंने बताया कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा में समाज की माताओं का स्नेह और समर्पण अतुलनीय रहा है। श्रद्धेय डॉक्टरजी (डॉ. हेडगेवार) द्वारा विकसित व्यक्ति निर्माण की पद्धति आज पूरे देश में वटवृक्ष बन चुकी है। अब संघ का अगला लक्ष्य समाज के हर क्षेत्र में भारतीय विचार को केंद्र में रखकर एक ‘गुणवत्तापूर्ण समाज’ खड़ा करना है।
🛡️ सांस्कृतिक आक्रमण और परिवार की भूमिका
द्वितीय सत्र ‘नये क्षितिज’ में उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय परिवारों पर चारों ओर से सांस्कृतिक आक्रमण हो रहे हैं। हमारी कुटुंब परंपरा और प्रगाढ़ संबंध ही हमारी असली शक्ति हैं। उन्होंने आह्वान किया कि हमें अपने परिवारों को संस्कारित प्रयोगशाला बनाना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों से जुड़ी रहें।

✋ आत्मनिर्भर भारत के लिए ‘5 संकल्प’ (The 5 Resolutions):
समाज को विश्वगुरु बनाने की दिशा में श्री शर्मा ने पांच प्रमुख संकल्पों पर जोर दिया:
स्वदेशी जीवन शैली: अपनी भाषा, भूषा (पहनावा), भोजन, भ्रमण और भवन निर्माण में भारतीयता को प्राथमिकता दें। स्थानीय उत्पादों को खरीदें।
पर्यावरण संरक्षण: पानी बचाना, पेड़ लगाना और प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करना हमारे व्यवहार का हिस्सा होना चाहिए।
सामाजिक समरसता: भेदभाव रहित और आत्मीयता से ओतप्रोत समाज का निर्माण। सभी जातियों के सुख-दुख में साथ खड़े होना।
पारिवारिक संस्कार: परिवारों में संवाद बढ़ाना और कुटुंब परंपराओं का पालन करना।
नागरिक कर्तव्य: संविधान का पालन, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और व्यापार-व्यवसाय में ईमानदारी बरतना।
गोष्ठी में भारत विभाजन, चीन-पाकिस्तान युद्ध और मोरवी, लातूर जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय स्वयंसेवकों के सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया गया। आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा और रामजन्मभूमि आंदोलन के माध्यम से जगाई गई हिंदुत्व की अलख को संघ की बड़ी उपलब्धि बताया गया।संकट में संघ की भूमिका का स्मरण



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