मंडला : मध्यप्रदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के भीतर चल रहे विवाद के बीच प्रदेश नेतृत्व ने सख्त कार्रवाई की है. पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में छिंदवाड़ा और सिवनी जिले के कई पदाधिकारियों को 6 महीने के लिए निष्कासित कर दिया गया है. पार्टी के इस फैसले से…
मंडला : मध्यप्रदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के भीतर चल रहे विवाद के बीच प्रदेश नेतृत्व ने सख्त कार्रवाई की है. पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में छिंदवाड़ा और सिवनी जिले के कई पदाधिकारियों को 6 महीने के लिए निष्कासित कर दिया गया है. पार्टी के इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ता भी हैरान हैं. अचानक की गई इस कार्रवाई को एक बड़े विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
गोंगपा ने इन पदाधिकारियों को किया निष्काशित
मंडला में आयोजित गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कमलेश टेकाम के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है. जानकारी के अनुसार सिवनी जिले के छपारा-बंजारी क्षेत्र में कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की गई थी और सोशल मीडिया पर बयान व वीडियो प्रसारित किए गए थे, जिससे पार्टी की छवि प्रभावित हुई. जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर छिंदवाड़ा के पूर्व जिला अध्यक्ष देवीराम उर्फ देवरावन भलावी, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष प्रवीण धुर्वे, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष संदीप इनवाती और सिवनी के रावेनशाह उइके को छह माह के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
इसके अलावा पूर्व विधायक रामगुलाम उइके और प्रदेश पदाधिकारी एडवोकेट महेश वटटी सहित कुछ अन्य नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब मांगा गया है.

अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे : टेकाम
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश टेकाम ने बताया, ” पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता खुलकर मेरा और पार्टी का विरोध कर रहे हैं. इसे लेकर गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी ने ऐसे नेता और कार्यकर्ताओं पर अनुशासनहीनता का डंडा चला दिया है. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी संगठन की मजबूती, अनुशासन और पार्टी की छवि को बनाए रखने को लेकर गंभीर है. कोई भी कार्यकर्ता पार्टी की छवि खराब करने का प्रयास करता है, तो उसपर इसी तरह की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. हाल ही में सिवनी और छिंदवाड़ा जिले के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा की गई पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गया है.
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी इन दिनों अंदरूनी विवादों का शिकार है, पार्टी में कई गुट बन चुके हैं, जो अपने-अपने तरीके से क्षेत्रों में राजनीति कर रहे हैं और शायद यही बात पार्टी नेतृत्व को खटक रही है.



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