26 जनवरी के अवसर पर इंदौर सेंट्रल जेल से 9 कैदियों को उनके अच्छे आचरण के आधार पर रिहा किया गया. ये सभी कैदी गंभीर अपराधों, विशेषकर हत्या जैसे मामलों में सजा काट रहे थे. रिहा हुए कैदियों में एक ऐसा भी था, जिसने करीब 15 साल जेल में बिताए. वह हत्या के मामले में सजा काट रहा था, लेकिन रिहाई के समय उसका व्यक्तित्व पूरी तरह बदला हुआ नजर आया. जेल से बाहर निकलते समय उसने संत का भेष धारण कर रखा था. वह भगवा वस्त्र पहने हुए था और उसका रूप-रंग भी आध्यात्मिक जीवन अपनाने वाले व्यक्ति जैसा दिखाई दे रहा था.
क्या बोले जेल अधीक्षक?
जेल अधीक्षक ने बताया कि रिहा किए गए कैदियों में शंकर नाम का एक कैदी भी शामिल है, जो जमीन विवाद से जुड़े एक हत्या मामले में वर्ष 2012 से जेल में बंद था. लगभग 15 वर्ष जेल में बिताने के दौरान उसके स्वभाव और जीवनशैली में बड़ा परिवर्तन आया. जेल प्रशासन के अनुसार, शंकर को अपने अपराध पर गहरा पछतावा था. उसने जेल के भीतर रहकर पूजा-पाठ, भजन और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया था.
हाथ में तिरंगा लिए वह जेल से बाहर निकला
रिहाई के दिन शंकर पूरी तरह बदले हुए रूप में नजर आया. भगवा वस्त्र धारण किए, हाथ में तिरंगा लिए वह जेल से बाहर निकला. उसने अपना नाम अब शंकर गिरी बताया. उसका कहना है कि वह आध्यात्मिक जीवन की ओर पहले से झुकाव रखता था और जेल में रहते हुए यह आस्था और मजबूत हो गई. उसने बताया कि वह साधु जीवन ही जीना चाहता है.
इसी तरह रिहा हुए एक अन्य कैदी राहुल ने भी अपनी बात साझा की. वह भी हत्या के मामले में सजा काट रहा था. राहुल ने कहा कि एक गलती ने उसके जीवन के 15 साल छीन लिए. उसने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि गुस्से में किया गया अपराध केवल एक व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को सजा देता है. जेल में बिताया समय उसे अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराने वाला रहा.

































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































