बेल्लारी के टेक्कलकोट में चल रही खुदाई में तीसरा पाषाण युग का कंकाल मिला है, जिससे प्राचीन मानव इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है. पहले दो कंकाल भी इसी स्थल से मिले थे. इन कंकालों को कार्बन डेटिंग जांच के लिए भेज दिया गया है.
बेल्लारी के टेक्कलकोट उत्खनन में उस समय हड़कंप मच गया, जब पाषाण युग का एक कंलाल मिला. इससे पहले भी दो कंकाल मिल चुके हैं. जिसे बाद उत्खनन कार्य को रोक दिया गया. सूचना पर बेल्लारी के एसपी डॉ. सुमन फन्नेकर ने उत्खनन स्थल का दौरा कर जानकारी ली. कंकालों को कार्बन डेटिंग जांच के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद कंकालों के सटीक समय और उम्र की जानकारी हो पाएगी.
सिरागुप्पा तालुक के टेक्कलकोट कस्बे में गौद्रा मूले पहाड़ी पर चल रही खुदाई के दौरान पाषाण युग का तीसरा कंकाल मिला है. एक बर्तन हटाते समय कंकाल मिलने के बाद शोधकर्ताओं ने खुदाई का काम रोक दिया. बेल्लारी के एसपी डॉ. सुमन फन्नेकर ने खुदाई स्थल का दौरा किया और कंकाल और बर्तन के बारे में जानकारी प्राप्त की.
पहले भी मिल चुके हैं खुदाई में 2 कंकाल
अमेरिका के हार्टविक विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और उत्खनन दल की सह-निदेशक नमिता एस. सुगंधी के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम ने हाल ही में गौद्रा मूले पहाड़ी की खुदाई के दौरान 5.5 फीट लंबे दो पूर्ण मानव कंकाल खोजे हैं. शुरुआत में, मिट्टी खोदने पर केवल मानव हड्डियां ही मिली थी. हालांकि, जब उन्होंने और गहराई तक खुदाई की, तो उन्हें कंकाल मिले. तब से यह तीसरा कंकाल मिला है.
कितनी है कंकालों की आयु?
इन कंकालों का सही-सलामत मिलना आश्चर्यजनक है. इन कंकालों की आयु लगभग 3,000 से 5,000 वर्ष आंकी गई है और कार्बन डेटिंग परीक्षणों के बाद ही इनकी सटीक तिथि निर्धारित की जाएगी. मैसूर पुरातत्व विभाग के निदेशक एम. एस. नागराज राव ने 1964 में इसी टेक्कलाकोटे में खुदाई की थी. उन्होंने अपनी पुस्तक ‘द स्टोन इज हिल ड्वेलर्स इन टेक्कलाकोटे’ में इस बारे में विस्तृत जानकारी दी है.
वहीं एसपी डॉ. सुमन फन्नेकर ने बताया कि खुदाई में कंकाल मिलने की जानकारी मिली है. सूचना के बाद स्थल का निरीक्षण किया गया. उन्होंने बताया कि कंकाल को कार्बन डेटिंग जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि वह कितना पुराना है.
बेल्लारी के टेक्कलकोट में चल रही खुदाई में तीसरा पाषाण युगीन कंकाल मिला है, जिससे प्राचीन मानव इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है. पहले दो कंकाल भी इसी स्थल से मिले थे. इन कंकालों को कार्बन डेटिंग जांच के लिए भेज दिया गया है.



देश









शेयर करें


















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































