गिरिडीह/दुमका/चाईबासा: महापौर चुनाव की रणनीति में झामुमो ने बाजी मार ली है. पार्टी ने मेयर सीट के लिए नामांकन करने वाले चार में से तीन प्रत्याशियों का नाम वापस लेने में सफलता प्राप्त की है. अब इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े कार्यकर्त्ता या नेताओं में सिर्फ एक चेहरा बचा है और वह हैं प्रमिला मेहरा.
प्रमिला को समर्थन देने की घोषणा गुरूवार को ही पार्टी ने कर दी थी. इस घोषणा के साथ ही पार्टी के उन कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास शुरू हो गया है, जिन्होंने नामांकन किया था. इसमें जिला कमेटी को सफलता हाथ लगी है और नामांकन करने वाले पप्पू रजक एवं बृजमोहन तुरी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है.
बीजेपी रही फेल, कामेश्वर समेत तीन ने नहीं लिया नाम वापस
इधर, एक तरफ नामांकन करने वाले पार्टी कार्यकर्त्ताओं को मनाने में जेएमएम सफल रहा है. दूसरी ओर बीजेपी को इस मामले में विफलता का सामना करना पड़ा है. पार्टी द्वारा डॉ. शैलेंद्र चौधरी को समर्थन देने की घोषणा के बावजूद बीजेपी के अनुसूचित जाति प्रदेश मंत्री कामेश्वर पासवान, बीजेपी अजा जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार दास और कार्यसमिति सदस्य नागेश्वर दास ने अपना नाम वापस नहीं लिया है, जबकि इन तीनों को मनाने की कोशिश जिला से लेकर प्रदेश तक के नेताओं ने की थी. कामेश्वर पासवान का कहना है कि वे सालों से जनता की सेवा में जुटे रहे हैं. दूसरी बात है कि यह दलगत चुनाव नहीं हैं, ऐसे में वे पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे रहेंगे.
कांग्रेस को भी निराशा
इसी तरह कांग्रेस भी पार्टी के दो कार्यकर्त्ता सह नेता को मनाने में फेल रही है. पार्टी के जिला प्रवक्ता जोगेश्वर महथा और पंकज सागर ने अपना नाम वापस नहीं लिया है. हालांकि कांग्रेस ने मेयर पद के लिए डॉ. समीर राज चौधरी को समर्थन दिया है. इसकी घोषणा गुरूवार को ही पार्टी जिलाध्यक्ष समेत अन्य नेताओं ने की थी.
मेयर चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा पूरी तरह से एकजुट है और एकजुटता दिख भी रही है. जिन साथियों ने नामांकन किया था, वे भी संगठन के हित में नाम वापस ले चुके हैं. पार्टी ने प्रमिला मेहरा को समर्थन दिया है और सभी कार्यकर्त्ता प्रमिला की जीत में पूरी ताकत झोंक देंगे: संजय सिंह, जिलाध्यक्ष, जेएमएम
बीजेपी के समर्थित प्रत्याशी डॉ. शैलेंद्र चौधरी हैं एक एक कार्यकर्त्ता उनकी जीत के लिए लगे रहेंगे. बाकी यह दलगत चुनाव नहीं ऐसे में किसी को चुनाव लड़ने से रोका नहीं जा सकता. वैसे कामेश्वर पासवान, प्रकाश दास एवं नागेश्वर दास को समझाने का प्रयास किया गया था. पार्टी डॉ. शैलेंद्र चौधरी के साथ खड़ी है: रंजीत राय, जिलाध्यक्ष (नगर), बीजेपी
पार्टी ने मेयर पद के लिए डॉ. समीर राज चौधरी को समर्थन देने का फैसला लिया है और कार्यकर्त्ता समीर की जीत के लिए मेहनत करना शुरू कर चुके हैं. इसके अलावा पार्टी से जुड़े जोगेश्वर महथा और पंकज सागर ने भी नामांकन किया था, जिन्हें नाम वापस लेने का आग्रह किया गया था लेकिन दोनों तैयार नहीं हुए. आगे पूरे प्रकरण से प्रदेश समिति को अवगत करा दिया जा रहा है: सतीश केडिया, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
दुमका
दुमका नगर परिषद चुनाव में नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का नामांकन दाखिल करने वाले प्रमोद जायसवाल ने अपना नाम वापस ले लिया हैं. ऐसे में कुल 18 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं. शनिवार को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे.
19 वार्ड के लिए 79 प्रत्याशी मैदान में, दो वार्ड में निर्विरोध निर्वाचन
दुमका नगर परिषद क्षेत्र में कुल 21 वार्ड हैं, इसके लिए 83 प्रत्याशियों ने नामांकन पर्चा दाखिल किया था. इसमें वार्ड संख्या 13 के दो प्रत्याशी (सुमन स्वर्णकार और गायत्री जायसवाल) का नामांकन जाति प्रमाण पत्र अवैध पाए जाने की वजह से रद्द कर दिया गया है. ऐसे में वहां सिर्फ एक प्रत्याशी जुही रानी केसरी, मैदान में बची हैं, जिन्हें निर्वाची पदाधिकारी ने निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया.
वहीं वार्ड संख्या 20 में एकमात्र प्रत्याशी मनोज सिंह ने नामांकन पर्चा दाखिल किया था, वहां भी निर्विरोध निर्वाचित हुए और मनोज सिंह इसके पहले वार्ड संख्या 20 से लगातार तीन बार से चुने जा रहे थे, ऐसे में अब कुल 19 वार्डों के लिए मतदान किए जाएंगे. इसके लिए कुल 79 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे. सभी प्रत्याशियों को शनिवार को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे. उसके बाद उपायुक्त के सभागार में उन्हें चुनाव से संबंधित एक प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वे क्या करें और क्या न करें?
निर्विरोध निर्वाचित जुही रानी को मिला जीत का प्रमाण पत्र
वार्ड संख्या 13 से निर्विरोध निर्वाचित जूही रानी केसरी को निर्वाची पदाधिकारी रंजन यादव ने जीत का सर्टिफिकेट प्रदान किया है. बिना लड़े चुनाव जीतने और प्रमाण पत्र मिलने के बाद जूही रानी केसरी, काफी खुश नजर आईं. ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह इसके लिए जनता को धन्यवाद देती हैं. उन्हीं के आशीर्वाद से सेवा का मौका मिला है. जूही रानी ने कहा कि मेरे क्षेत्र में जनता की, जो भी समस्या होगी, उसका वह शीघ्र समाधान करेंगी. उनके लिए उन्हें तमाम सुविधा मिले, इसे सुनिश्चित किया जाएगा.
चाईबासा
नगर पालिका निर्वाचन 2026 को भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में है. शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में जिला स्क्रीनिंग कमेटी की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह उपायुक्त चंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने की.
लापरवाही पर गिरेगी गाज
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी लाइसेंसधारी शस्त्रों को, 5 फरवरी 2026 तक संबंधित थानों में जमा करना अनिवार्य था, उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि जिन लोगों ने अब तक अपने हथियार जमा नहीं कराए हैं, वे शुक्रवार शाम तक हर हाल में इन्हें जमा कर दें. इसके साथ ही समय सीमा समाप्त होने के बाद शस्त्र अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द करने और हथियार जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी
क्षेत्रवार शस्त्र जमा करने की स्थिति:
1. चाईबासा शहरी क्षेत्र:
- चाईबासा में कुल लाइसेंसधारी शस्त्रों की संख्या 89 है.
- इनमें से अब तक 69 शस्त्र जमा किए जा चुके हैं.
- 15 लाइसेंसधारियों ने छूट के लिए आवेदन दिया है, जिनमें 6 बैंक संस्थान शामिल हैं.
- अब तक 5 लोगों ने शस्त्र जमा करने में रुचि नहीं दिखाई है, जिन पर कार्रवाई तय है.
2. चक्रधरपुर शहरी क्षेत्र:
- चक्रधरपुर में कुल लाइसेंसधारी शस्त्रों की संख्या 48 है. यहां प्रशासन को 45 शस्त्र प्राप्त हो चुके हैं.
- 1 बैंक संस्थान ने छूट के लिए आवेदन दिया है. यहां केवल 2 व्यक्तियों ने अब तक शस्त्र जमा नहीं कराए हैं.
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में समाहर्ता प्रभारी (जिला सामान्य शाखा) देवेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) शिवेंद्र, सदर चाईबासा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी तथा विशेष शाखा के पुलिस उपाधीक्षक हिमांशु मांझी मुख्य रूप से उपस्थित थे. प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करें और आचार संहिता के नियमों का कड़ाई से पालन करें.