भोपाल: मोहन सरकार के मंत्री करण सिंह वर्मा की लाड़ली बहनों को दी गई धमकी के बाद अब उनकी सफाई आई है. सफाई में मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी वही कहा जो आमतौर पर सफाई में कहा जाता है कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है. मंत्री की दलील है कि उन्होंने तो स्व सहायता समूहों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े सभी कार्यक्रामों का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह बहनों से किया था. वे अब दलील ये भी दे रहे हैं कि मैंने ये भी कहा था कि मध्य प्रदेश में बहनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता आगे भी मिलती रहेगी.
लाड़ली बहनों के लिए पहले मंत्री की धमकी अब सफाई
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लाड़ली बहनों को धमकाने के बाद मोहन सरकार के मंत्री करण सिंह वर्मा की सफाई आई है. इसमें उन्होंने कहा कि “उन्हें ये जानकारी मिली कि उनके विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धामंदा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंन जो कहा उसे तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है. मंत्री अपनी सफाई में जो दलीलें दे रहे हैं, उसमें वो शुरुआत ही इस वाक्य से करते हैं कि मैंने तो कार्यक्रम की शुरुआत में ही सभी बहनों व नागरिकों को सम्मानपूर्वक प्रणाम किया था.
फिर कहते हैं कि मैंने स्व-सहायता समूहों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े सभी कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया था. उनका कहना है कि मेरा तो ये स्पष्ट कहना था कि इन योजनाओं का उद्देश्य बहनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें निरंतर सहयोग देना है. फिर सफाई देते हुए वे कहते हैं कि मैंने यह भी कहा था कि मध्य प्रदेश में बहनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता आगे भी मिलती रहेगी. यह योजना बहनों के सम्मान से जुड़ी है और इसे कोई भी समाप्त नहीं कर सकता. हालांकि फिर उन्होंने ये भी जोड़ा कि अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं.”
पहले दी थी लाड़ली बहना योजना से नाम काट देने की धमकी
इसके पहले अपनी विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम में मंत्री करण सिंह वर्मा ने मंच से सीईओ को ये निर्देश दिये थे कि एक दिन सभी लाड़ली बहनों को बुलाया जाए और जो बहनें नहीं आती हैं, उनका सूची से नाम काट दिया जाए. वे नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र के कार्यक्रम में पहुंचे थे. मंत्री इस बात को लेकर नाराज थे कि कार्यक्रम में महिला कम तादात में पहुंची थीं.
उन्होंने कहा कि हर महीने 1500 रुपए महिलाओं को दिए जा रहे हैं. उसके बाद भी महिलाओं की उपस्थिति कम है. उन्होंने तंजिया लहजे में ये भी कहा कहा था कि कांग्रेस के शासन में बहनों को इस तरह से पैसा मिलता था क्या.



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