नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इस बार होली के मौके पर रंगों के साथ-साथ शराब की भी जमकर खपत हुई. तीन दिनों के भीतर यहां करीब 45 करोड़ रुपये की शराब बिक गई, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 10 करोड़ रुपये ज्यादा है. इस बिक्री से सरकार को लगभग 33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.
आबकारी विभाग के अनुसार, होली के कारण शराब की मांग को देखते हुए पहले से ही पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया था. 4 मार्च को होली के दिन शराब की दुकानें बंद रहीं, लेकिन उससे पहले 1, 2 और 3 मार्च को दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली. इन तीन दिनों के दौरान लोगों ने बड़ी मात्रा में शराब खरीदी.
आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में करीब 3.12 लाख लीटर देशी शराब की बिक्री हुई, जो सबसे ज्यादा रही. इसके अलावा लगभग 2.70 लाख लीटर बियर भी खरीदी गई, जबकि अंग्रेजी शराब के शौकीनों ने भी पीछे नहीं रहते हुए करीब 1.80 लाख लीटर विदेशी शराब खरीद ली. कुल मिलाकर जिले में करीब 7.5 लाख लीटर से अधिक शराब की बिक्री दर्ज की गई.
पिछले वर्ष की होली से तुलना करें तो इस बार बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. पिछले साल होली के दौरान करीब 35 करोड़ रुपये की शराब बिकी थी, जिससे सरकार को लगभग 27 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था. उस समय देशी शराब की बिक्री करीब 1.50 लाख लीटर और अंग्रेजी शराब की 1.25 लाख लीटर रही थी. वहीं गर्म मौसम के कारण बियर की मांग अधिक रही थी और लगभग 3.25 लाख लीटर बियर बिकी थी.
हालांकि होली पर शराब की खपत काफी बढ़ जाती है, लेकिन इसके बावजूद यह बिक्री पिछले साल की दिवाली से कम रही. दिवाली के मौके पर जिले में करीब 55 करोड़ रुपये की शराब बिकने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था. उस समय लोगों ने उपहार देने के लिए विशेष रूप से अंग्रेजी और विदेशी शराब की ज्यादा खरीदारी की थी.
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, इस बार होली के दौरान करीब 45 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. उन्होंने बताया कि त्योहार को देखते हुए सभी दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया था, जिससे किसी तरह की कमी नहीं हुई.



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