तेजी से बदलती लाइफस्टाइल, घंटों बैठकर काम करने की आदत और अनियमित खान-पान की वजह से आज वजन बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है. बढ़ता हुआ वजन न सिर्फ कॉन्फिडेंस को प्रभावित करता है, बल्कि बीमारियों की वजह भी बनता है. ऐसे में लोग वजन घटाने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं. इसमें रनिंग और साइकलिंग दो बेहद आम तरीके हैं. लेकिन अक्सर फिटनेस को लेकर लोगों के बीच यह सवाल बना रहता है कि रनिंग ज्यादा असरदार है या साइकिलिंग? कुछ फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि दौड़ने से कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न होती है, वहीं दूसरी ओर कई लोग साइकिलिंग को लंबे समय तक की जाने वाली सेफ और टिकाऊ एक्सरसाइज बताते हैं.
अगर आप भी अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और चाहते हैं कि जल्दी वेट लॉस हो जाए तो ये आर्टिकल आपके लिए है. यहां हम सीनियर डायटीशियन से जानेंगे कि, वजन कम करने के लिए रनिंग ज्यादा बेहतर है या फिर साइकलनिंग. ताकि आप सही तरीके से अपना वजन कम कर पाएं.
क्या कहती हैं एक्सपर्ट?
इस सवाल को लेकर हमने होलिस्टिक डाइटिशियन और इंटीग्रेटिव थेरोपेटिक न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर गीतिका चोपड़ा से बातचीत की. जो बताती हैं कि, वजन घटाने का सही तरीका व्यक्ति की उम्र, फिटनेस लेवल और दिनचर्या पर निर्भर करता है. वजन कम करने के लिए डाइट के साथ-साथ सही एक्सरसाइज बेहद जरूरी है. रोजाना की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी न सिर्फ कैलोरी बर्न करती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाती है. इसके लिए साइकिलिंग और रनिंग दोनों ही बेहतर मानी जाती हैं. लेकिन दोनों में से क्या ज्यादा बेहतर है ये जान लेते हैं.
रनिंग करने से कितनी कम होती है कैलोरी
हेल्थलाइन के मुताबिक, रनिंग से प्रति मील लगभग 100 कैलोरी (या प्रति किलोमीटर 60-65 कैलोरी) बर्न होती हैं. फिटनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक रनिंग एक हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज है. इसमें पूरे शरीर की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं, जिससे कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न होती है. अगर कोई व्यक्ति रोजाना 30 मिनट रनिंग करता है, तो वजन घटने का असर एक्सपेक्टेशन से थोड़ा जल्दी दिख सकता है. हालांकि, ज्यादा वजन या घुटनों की समस्या वाले लोगों के लिए रनिंग थोड़ी मुश्किल हो सकती है.
साइकिलिंग के क्या हैं फायदे
साइकिलिंग को लो-इंपैक्ट एक्सरसाइज माना जाता है, यानी इसमें जोड़ों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग लंबे समय तक एक्सरसाइज करना चाहते हैं या जिन्हें घुटनों में दर्द रहता है, उनके लिए साइकिलिंग बेहतर ऑप्शन है. रेगुलरसाइकिलिंग से फैट धीरे-धीरे कम होता है और स्टैमिना भी बढ़ता है.
रनिंग और साइकिलिंग में क्या है बेहतर?
रनिंग और साइकिलिंग में क्या बेहतर है…ये कहना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. जैसा की एक्सपर्ट ने बताया कि दोनों का यूज उम्र, वजन और सेहत पर डिपेंड करता है. हालांकि, अगर आप जल्दी वजन कम करना चाहते हैं तो रनिंग, साइकिनिंग से थोड़ी बेहतर हो सकती है. वहीं, अगर वजन ज्यादा है या शुरुआत कर रहे हैं, तो साइकिलिंग एक सेफ तरीका है.



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