Sports Department Action: स्टेडियमों की खराब हालत सुधारेगा खेल विभाग, जानें आपके शहर के किन ग्राउंड्स का होगा कायाकल्प
February 11, 2026 |
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चंडीगढ़: हरियाणा में खेल स्टेडियमों की खराब हालत सुधारने के लिए खेल विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला खेल अधिकारियों व जोन स्तर के डिप्टी डायरेक्टर से पूछा गया है कि वे स्टेडियमों की मरम्मत पीडब्ल्यूडी, निजी एजेंसी या विभागीय स्तर पर किस माध्यम से करवाना चाहते हैं।
खेल मंत्री गौरव गौतम के निर्देशों के बाद निदेशालय ने सभी जिलों के स्टेडियमों का सर्वे करवाया है जिसमें 1015 स्टेडियमों के आकलन में 235 को ग्रेड-डी में रखा गया जो फिलहाल खेलने लायक नहीं हैं। इसके अलावा 465 मैदान ग्रेड-सी में पाए गए हैं जिन पर सुधार कार्य जारी है। ग्रेड-डी के 235 मैदानों में से 110 रोहतक जोन में स्थित हैं जिन्हें प्राथमिकता से दुरुस्त करने की योजना बनाई गई है।
प्रक्रिया के तहत सबसे पहले जिला खेल अधिकारी अपने क्षेत्र के स्टेडियमों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद जोन के डिप्टी डायरेक्टर इन रिपोटों की समीक्षा कर प्राथमिकता सूची बनाएंगे और निदेशालय को भेजेंगे। निदेशालय स्तर पर तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति दी जाएगी। स्वीकृति के बाद संबंधित एजेंसी या विभाग को कार्य आवंटित किया जाएगा और समय-सीमा तय होगी। मरम्मत के दौरान नियमित निरीक्षण, प्रगति रिपोर्ट और गुणवत्ता जांच अनिवार्य की गई है। कार्य पूरा होने पर अंतिम निरीक्षण के बाद ही भुगतान जारी होगा। विभाग का मानना है कि इस नई प्रणाली से स्टेडियमों की स्थिति में तेजी से सुधार होगा और खिलाड़ियों को सुरक्षित व बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। स्टेडियमों के खस्ता हालत में टॉप पर रोहतक जिला है।
स्टेडियमों का हाल
रोहतक जोन में कुल 367 स्टेडियमों में से 12 ए ग्रेड, 50 बी ग्रेड, 195 सी ग्रेड व 110 डी ग्रेड में रखे गए हिसार जोन में कुल 241 स्टेडियमों में से 9 ए ग्रेड, 64 बी ग्रेड, 104 सी ग्रेड और 64 डी ग्रेड में रखे गए हैं। अंबाला जोन में 214 स्टेडियमों में से 30 ए, 86 बी, 85 सीव 13 डी ग्रेड में हैं। गुरुग्राम जोन के 193 स्टेडियमों में से 16 ए, 48 बी, 81 सी और 48 डी ग्रेड में रखे गए हैं।
चंडीगढ़: हरियाणा में खेल स्टेडियमों की खराब हालत सुधारने के लिए खेल विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला खेल अधिकारियों व जोन स्तर के डिप्टी डायरेक्टर से पूछा गया है कि वे स्टेडियमों की मरम्मत पीडब्ल्यूडी, निजी एजेंसी या विभागीय स्तर पर किस माध्यम से करवाना चाहते हैं।
खेल मंत्री गौरव गौतम के निर्देशों के बाद निदेशालय ने सभी जिलों के स्टेडियमों का सर्वे करवाया है जिसमें 1015 स्टेडियमों के आकलन में 235 को ग्रेड-डी में रखा गया जो फिलहाल खेलने लायक नहीं हैं। इसके अलावा 465 मैदान ग्रेड-सी में पाए गए हैं जिन पर सुधार कार्य जारी है। ग्रेड-डी के 235 मैदानों में से 110 रोहतक जोन में स्थित हैं जिन्हें प्राथमिकता से दुरुस्त करने की योजना बनाई गई है।
प्रक्रिया के तहत सबसे पहले जिला खेल अधिकारी अपने क्षेत्र के स्टेडियमों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद जोन के डिप्टी डायरेक्टर इन रिपोटों की समीक्षा कर प्राथमिकता सूची बनाएंगे और निदेशालय को भेजेंगे। निदेशालय स्तर पर तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति दी जाएगी। स्वीकृति के बाद संबंधित एजेंसी या विभाग को कार्य आवंटित किया जाएगा और समय-सीमा तय होगी। मरम्मत के दौरान नियमित निरीक्षण, प्रगति रिपोर्ट और गुणवत्ता जांच अनिवार्य की गई है। कार्य पूरा होने पर अंतिम निरीक्षण के बाद ही भुगतान जारी होगा। विभाग का मानना है कि इस नई प्रणाली से स्टेडियमों की स्थिति में तेजी से सुधार होगा और खिलाड़ियों को सुरक्षित व बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। स्टेडियमों के खस्ता हालत में टॉप पर रोहतक जिला है।
स्टेडियमों का हाल
रोहतक जोन में कुल 367 स्टेडियमों में से 12 ए ग्रेड, 50 बी ग्रेड, 195 सी ग्रेड व 110 डी ग्रेड में रखे गए हिसार जोन में कुल 241 स्टेडियमों में से 9 ए ग्रेड, 64 बी ग्रेड, 104 सी ग्रेड और 64 डी ग्रेड में रखे गए हैं। अंबाला जोन में 214 स्टेडियमों में से 30 ए, 86 बी, 85 सीव 13 डी ग्रेड में हैं। गुरुग्राम जोन के 193 स्टेडियमों में से 16 ए, 48 बी, 81 सी और 48 डी ग्रेड में रखे गए हैं।