उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्तारुढ़ पार्टी ने कानपुर को बर्बाद कर दिया है और कभी फलते-फूलते इंडस्ट्रियल हब को अब “बदनामपुर” बना दिया है.
कानपुर स्थित सिविल लाइंस में अखिलेश यादव ने कल शुक्रवार को कहा कि यह शहर अब कार पलटने, पुलिस-वकील के झगड़े और स्क्रिप्टेड एनकाउंटर के लिए हेडलाइन बन रहा है. उन्होंने कहा कि कानपुर, जो कभी अपनी टेक्सटाइल मिलों और मैन्युफैक्चरिंग बेस के लिए जाना जाता था, वो अब सड़क हादसों, झगड़ों और प्रशासनिक नाकामियों से जुड़ा हुआ है, उन्होंने दावा किया कि गवर्नेंस में “ब्रेकडाउन” दिखाता है.
कानपुर में बड़े इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट का वादा
ऐतिहासिक लाल इमली टेक्सटाइल मिल के बंद होने और गंगा में बिना ट्रीट किए सीवेज बहने के मुद्दे का जिक्र करते हुए, अखिलेश ने सरकार पर भ्रष्टाचार और अक्षमता के जरिए शहर की विरासत को कमजोर करने का आरोप लगाया.
प्रदेश में समाजवादी पार्टी के सत्ता में फिर से लौटने पर बदलाव का वादा करते हुए, पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी सरकार यहां पर “लखनऊ से भी बेहतर” रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट बनाएगी, लाल इमली मिल को फिर से चालू करेगी और बड़े इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट के लिए माहौल बनाएगी. उन्होंने पनकी पावर प्लांट में बार-बार बिजली जाने और देरी को भी लोकल इंडस्ट्री और रोजगार के लिए बड़ा बाधक बताया.
“जाम सिटी” भी बन गया कानपुर
केंद्र की स्मार्ट सिटी पहल पर निशाना साधते हुए, अखिलेश यादव ने कहा कि कानपुर अब ट्रैफिक जाम की वजह से “जाम सिटी” बन गया है. दिन में पहले गंगा बैराज हिस्से से शेयर किए गए एक वीडियो का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने दावा किया कि यहां पर लोग करीब 90 मिनट तक फंसे रहे, और लखनऊ तथा कानपुर के बीच 45 मिनट के ट्रैवल टाइम के दावे पर भी सवाल उठाया.
संसद में विपक्षी सांसदों को नहीं बोलने देने की बात करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि संसद में विपक्ष की आवाजों को दबाया जा रहा है. साथ उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी मजाक उड़ाया और कहा कि एक सच्चा योगी गुस्से या पावर से नहीं चलता. उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रशासनिक नाकामियों और कैबिनेट विस्तार जैसी देरी से ध्यान हटाने के लिए एनकाउंटर और लॉ-एंड-ऑर्डर की कार्रवाइयों का इस्तेमाल कर रही है.
वाराणसी में दाल मंडी का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि उन इलाकों में चुन-चुनकर तोड़-फोड़ की जा रही है जहां BJP को “वोट नहीं मिलते.”



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