संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित होते ही बरेली जिले में जश्न का माहौल है. इस बार बरेली के तीन होनहारों ने अपनी मेहनत और मेधा से जिले का नाम देशभर में रोशन किया है. जहां पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी सुरभि यादव ने ऑल इंडिया 14वीं रैंक पाकर टॉपर्स की सूची में जगह बनाई है, वहीं वनज विद्यान (278वीं रैंक) और मिनहाज शकील (513वीं रैंक) ने भी सफलता का परचम लहराया है.
बरेली की बेटी सुरभि यादव ने अपने चौथे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया. सुरभि वर्तमान में दिल्ली में ‘माय भारत’ कार्यक्रम में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. 25 वर्षीय सुरभि के पिता राकेश यादव यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में वाराणसी में तैनात हैं. सुरभि 2024 में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाई थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. बचपन से ही IAS बनने का सपना देखने वाली सुरभि ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में ऑनर्स किया और जामिया मिलिया इस्लामिया की कोचिंग से तैयारी को धार दी.
वनज विद्यान: डीपीएस के पूर्व छात्र ने चमकाया नाम
बरेली के ही वनज विद्यान ने ऑल इंडिया 278वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. डीपीएस बरेली के पूर्व छात्र रहे वनज शुरू से ही मेधावी थे. वनज अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अभ्यास और धैर्य को देते हैं. उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है. स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने भी उनकी इस उपलब्धि को जिले के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया है.
मिनहाज शकील: IIT दिल्ली से UPSC तक का सफर
बहेड़ी के रिच्छा कस्बे के रहने वाले मिनहाज शकील ने 513वीं रैंक प्राप्त की है. अधिवक्ता शकील (गुरु) के बेटे मिनहाज ने अपनी काबिलियत पहले भी साबित की थी जब उन्होंने IIT-JEE में 402वीं रैंक हासिल की थी. IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद मिनहाज ने 3 साल नौकरी की, लेकिन उनका लक्ष्य सिविल सेवा ही था. मिनहाज ने न केवल सिविल सेवा, बल्कि इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) की लिखित परीक्षा भी पास कर ली है और अब इंटरव्यू का इंतजार कर रहे हैं.
जिले में खुशी की लहर
इन तीनों युवाओं की सफलता यह साबित करती है कि बरेली की धरती प्रतिभाओं से धनी है. जहां सुरभि ने प्रशासनिक सेवाओं के शीर्ष पर जगह बनाई, वहीं वनज और मिनहाज ने अपनी तकनीकी और अकादमिक पृष्ठभूमि का लाभ उठाकर सफलता की नई इबारत लिखी है.