बदायूं। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रसार काल में लोगों की धैर्य भी जवाब देने लगा है। यहां के उझानी थाने में तैनात सिपाही ललित ने कम दिन की छुट्टी स्वीकृत होने से नाराज होकर कार्यवाहक थाना प्रभारी को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया और यहां से बरेली रेफर कर दिया गया। घटना किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
बदायुूं के उझानी थाना में शुक्रवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे सिपाही ललित कार्यवाहक थाना प्रभारी रामअवतार के पास पहुंचा। उसने दस दिन की छुट्टी मांगी मगर रामअवतार ने यह कहते हुए मना कर दिया कि प्रभारी ओमकार सिंह कोरोना संक्रमित हैं, वो वापस आएं तब वही दस दिन की छुट्टी दे सकते हैं। हम चार दिन का ही अवकाश स्वीकृत करेंगे। इसी प्रकरण पर दोनों में बहस हुई। सिपाही ललित गांव लाडपुर, थाना मुड़सान, जिला हाथरस का रहने वाला है।
इसके बाद गुस्साए ललित ने उन पर सरकारी पिस्टल से फायर कर दिया। यह गोली राम अवतार के पेट में लगी। इसके बाद एक और फायर हुआ, दूसरी गोली ललित के पेट में लगी। इस घटना के बाद थाना में मौजूद पुलिसकर्मियों ने आनन- फानन दोनों को बरेली के निजी अस्पताल भेजा। जहां पर दोनों की हालत गंभीर है। थाना प्रभारी ओमकार सिंह का कहना है कि सिपाही काफी तनाव में था। राम अवतार को गोली मारकर उसने खुद को भी मार ली।
सिपाही ललित बीमार मां और भाई के कारण मांग रहा था छुट्टी
सिपाही ललित अपनी पत्नी तथा बच्चों के साथ उझानी में ही रहता था। उसके भाई और परिवार के अन्य लोग हाथरस के विनोद विहार कॉलोनी में रह रहे थे। पिता आर्मी से रिटायर्ड हैं। बड़ा भाई सेना में सियाचीन में तैनात है। मां बीमार थी, छोटे भाई को पथरी हो गयी थी। दोनों गांव में रह थे। पिता ने सेना से रिटायर होकर दोबारा नौकरी जॉइन कर ली है। वह जोधपुर में हैं जबकि बड़ा भाई भी सियाचिन में हैं। उसके घर पर आठ मवेशी भी हैं। सिपाही ललित अपनी मां और भाई के बीमार होने की वजह और घर के कामकाज के कारण छुट्टी मांग रहा था। वह मूल रूप से गांव गुलरिया पोस्ट लाड़पुर थाना हाथरस जंक्शन का निवासी है।



देश




















