कोतबा। जिस तरह समाज के लोगों ने उनपर विश्वास जताते हुए इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौपी हैं। उसका निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी पूर्वक करूंगी। उक्त बातें बंजारा समाज के नवनियुक्त महिला प्रदेशाध्यक्ष निर्मला नायक ने कही। उल्लेखनीय है कि रविवार को रायपुर के तेलीबांधा स्थित बाबा बुड्ढा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित प्रांतीय स्तरीय सम्मेलन में महिला कार्यकारणी का गठन की गया। जिसमें पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी देकर समाज के उत्थान लिये कार्यभार सौपा गया । यह जिम्मेदारी आल इंडिया बंजारा सेवा संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष सदाशिव राम नायक के नेतृत्व में किया गया है। समाज के लोगों कहना है कि समाज को सशक्त बनाने की सबसे मजबूत कड़ी हमारी बेटियां हैं, जो कमजोर होते जा रही हैं। हमें सबसे पहले इस कड़ी को मजबूत करना होगा। क्योंकि यदि एक बेटी शिक्षित होती है तो उससे पूरा परिवार शिक्षित होता है। परिवार शिक्षित होगा तो यही से सशक्त समाज की निर्माण शुरू होगा। समाज के सदस्यों का कहना है कि समाज का हर व्यक्ति चाहे वो आम हो या खास वो अपने अधिकार को जाने और कर्तव्य का पालन करे। हर व्यक्ति यदि ऐसा करने लगे तो समाज अपने आप सशक्त होना शुरू हो जाएगा। भेद-भाव, जात-पात, ऊंच-नीच इन सबसे उपर उठकर हमें एक-दूसरे के साथ प्यार-मोहब्बत के साथ रहना होगा। सशक्त समाज के निर्माण के लिए हर व्यक्ति का शिक्षित होना भी बेहद जरूरी है। प्रदेश महासचिव एवं प्रभारी महिला प्रकोष्ठ सुखसिंग नायक ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष सदाशिव नायक महासभा अध्यक्ष गोकुल नायक के द्वारा निर्देश दिया गया था जिसमें लगभग 14 जिलों व परिक्षेत्रों के महिलाओं का नाम शामिल किया गया था।जिसमें 15 महिलाओं ने अपना नाम प्रदेश के अध्यक्ष,कार्यकारी अध्यक्ष सहित,उपाध्यक्ष एवं महासचिव के लिए नाम दिया था।जिसमें सर्वसहमति से अध्यक्ष पद पर निर्मला नायक कांकेर, कार्यकारी अध्यक्ष सरस्वती नायक खरोरा, उपाध्यक्ष ललिता भारद्वाज बहिगांव, महासचिव संतोष अजमेरा दंतेवाड़ा को नियुक्त किया गया है। सुखसिंग ने बताया कि कर्तव्य और अधिकार दोनों ही मिलकर समाज को सशक्त बना सकते हैं। इन दोनों चीजों को हर व्यक्ति को अपने जीवन में लाना होगा। कर्तव्य और अधिकारों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करना होगा। तभी सशक्त समाज का निर्माण हो सकेगा। महिलाओं को भी शिक्षित करना होगा।जिससे मातृशक्तियों सशक्त होकर समाज सेवा करेंगी। कर्तव्य और अधिकार का बोध हर किसी को होना जरूरी है। जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों और अधिकारों को जानेगा तो समाज सशक्त बनेगा।
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