भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के विस्तारीकरण परियोजना के तहत यातायात सुविधा के लिहाज से सेक्टर-1 में उलन मार्केट से मुर्गा चौक होते हुए बोरिया गेट की ओर बनाए गए फ्लाई ओवर की रिटेनिंग वाल को गिरने से बचाने के लिए उसमें लोहे का सरिया डाला जा रहा है। निर्माण के बाद करीब सात से ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू नहीं हो पाया है। बावजूद कई स्थानों पर रिटेनिंग वाल बाहर की ओर आ गया है। दो से तीन माह के भीतर ही इस ओवरब्रिज को शुरू करने की तैयारी है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से अनहोनी की आशंका के लिहाज से पूरे रिटेंनिग वाल में कुछ-कुछ दूरी पर छेद कर आठ-आठ फीट का सरिया डाला जा रहा है। जिससें दीवार की पकड़ मजबूत रहे।
भिलाई इस्पात संयंत्र में उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिकीरण एवं विस्तारीकरण परियोजना पर काम अंतिम चरणों में हैं। इसी परियोजना के तहत भारी वाहनों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने एवं दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की मंशा से तीन स्थानों पर फ्लाई ओवर का निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया था। 11 साल बीत गए इसमें से केवल एक स्थान उलन मार्केट से बोरिया गेट की ओर ही फ्लाई ओवर का निर्माण हो पाया है। जानकारी के अनुसार 2014 में इस ओवरब्रिज का निर्माण हो गया था। इसके बाद कुछ काम ही रह गया था। इसके बाद से ओवरब्रिज ऐसे ही पड़ा रहा। इसका न पूरा निर्माण किया गया और न ही इसके लिए ठोस पहल हुई।
यह है खतरा
जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज के अंतिम दोनों छोर पर रिटेनिंग वाल बनाया गया है। यह रिटेनिंग वाल कांक्रीट के प्लेट को आपस में जोड़कर बनाया गया है। इसमें ही कुछ स्थानों पर दरार आने के अलावा वाल का हिस्सा बाहर की ओर आ गया है। इससे भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होते ही हादसे की आशंका हो सकती है। इसे देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से रिटेनिंग वाल में ड्रील कर उसके भीतर आठ फीट का सरिया डाला जा रहा है। करीब पांच सौ सरिया दोनों ओर डाला जा रहा है।
निर्माण के दौरान हुआ था हादसा
बीएसपी ने फ्लाई ओवर निर्माण के लिए टेंडर पंचकुला, चंडीगढ़ की कंपनी मेसर्स सिंघला को ठेका दिया था। 2010 में कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू किया। फ्लाई ओवर क्रमांक-2 के निर्माण कार्य के दौरान मुर्गा चौक पर दो पीलर के बीच गर्डर पर ढलाई का काम चल रहा था। इस दौरान ही गर्डर नीचे गिर गया। यह घटना सन् 2012 की है।
-बीएसपी प्रबंधन ने यह बताया
बीएसपी के ओवरब्रिज क्रमांक-2 के निर्माण के लिए संबंधित ठेका कंपनी द्वारा वैधानिक व्यवधान उत्पन्न करने के कारण कार्य बीच में बाधित हुआ। इसकी वजह से अब तक आवागमन शुरू नहीं किया जा सका। आगामी तीन से चार महीनों में इस पर अवागमन शुरू कर दिया जाएगा। ओवरब्रिज का शेष सिविल और इलेक्ट्रिकल संबंधित कार्यों को अन्य एजेंसी से कराया जा रहा है। जिसे सयंत्र के परियोजना विभाग की निगरानी में किया जा रहा है। इसके साथ ही बोरिया गेट के सामने भारी वाहनों के लिए एक पार्किंग क्षेत्र का भी निर्माण जारी है, जिससे संयंत्र कर्मियों तथा जन-मानस को इस क्षेत्र में अक्सर लगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल सकेगा।
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