रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फाइलेरिया रोग के सम्पूर्ण उन्मूलन के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सामूहिक दवा सेवन (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से फाइलेरिया की दवाएं खाकर इस कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार फाइलेरिया रोग के सम्पूर्ण उन्मूलन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य के फलस्वरूप, कोविड-19 महामारी के दौरान भी छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 19 जुलाई से राज्य के फाइलेरिया प्रभावित चार जिलों रायपुर, रायगढ़, गरियाबंद और बलौदाबाजार में सामूहिक दवा सेवन (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) और कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोविड-19 के मानकों का अनुपालन करते हुए प्रारंभ किया है ।
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने उदबोधन भाषण में कहा कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए हमारी सरकार ने निरंतर कार्य किया है और कर रही है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के साथ सकारात्मक कार्यवाही के परिणामस्वरूप बेहतर नतीजे सामने आ रहे हैं। लेकिन कोरोना से लड़ने के साथ साथ हमें अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है क्योंकि हमारी सरकार सभी की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु वचनबद्ध है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान भी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों को जारी रखने के महत्व को स्वीकार करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को आज से प्रारंभ किया है ।
केंद्र स्तर, राज्य स्तर, ब्लाक स्तर और ग्राम स्तर पर किये गए समन्वित प्रयासों के कारण ही राज्य में फाइलेरिया दवाओं की कवरेज दर 95.4 पहुँच गयी है जो नि:संदेह उत्साहजनक है । इस दर को शत-प्रतिशत तक लाने के प्रयास करने हैं । इस एमडीए अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कोविड-19 के आदर्श मानकों के अनुरूप लिम्फैटिक फाइलेरियासिस या हाथीपांव के उन्मूलन हेतु फाइलेरिया रोधी दवायें खिलाई जायेंगी। ये दवायें पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
इस अवसर पर संचालनालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के महामारी नियंत्रण निदेशक डा. सुभाष मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार इस बात का बहुत ध्यान रख रही है कि कोरोना महामारी के दौरान दवा खिलाने वाले स्वास्थ्यकर्मी एवं सभी लाभार्थी इस अभियान में पूरी तरह सुरक्षित रहें। उन्होंने यह भी कहा कि फाइलेरिया रोधी दवाएं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने मुफ्त खिलाई जाएगी और किसी भी स्थिति में, दवा का वितरण नहीं किया जाएगा । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, हाइड्रोसील मुक्त राज्य के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए, राज्य में चिन्हित हाइड्रोसील के सभी मरीजों के ऑपरेशन हेतु नियोजित तरीके से कार्य किया जा रहा है।
राज्य कार्यक्रम अधिकारी, वेक्टर बोर्न डिजीजेज डॉ. जगन्नाथ राव ने बताया कि इस कार्यक्रम में सभी वर्गों के 72,59,263 लाभार्थियों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए डीईसी और अल्बडाजोल की निर्धारित खुराक, स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने मुफ्त खिलाई जाएगी। फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और रक्तचाप, शुगर, अर्थरायीटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवाएं खानी हैं। सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं और अगर किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण होते हैं तो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के कृमि मौजूद हैं, दवा खाने के बाद से ऐसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। सामान्यतः ये लक्षण स्वतः समाप्त हो जाते है परंतु ऐसी किसी भी परिस्थिति के लिए प्रशिक्षित रैपिड रिस्पान्स टीम तैनात है और उन्हे तुरंत उपचार के लिए तुरंत बुलाया जा सकता है।
संयुक्त निदेशक (एनव्हीबीडीसीपी) डा. छवि पन्त जोशी ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में मितानिन का विशेष योगदान है, क्योंकि लक्षित लाभार्थियों तक पहुंच कर उन्हें चिन्हित करना ताकि, अभियान के दौरान इन लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जा सकें, एक महत्वपूर्ण कार्य है। हाइड्रोसील मुक्त राज्य की प्रतिबद्धता के बारे में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य के इस अभियान में हर तरह से साथ रहेगी। ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के प्रतिनिधि अनुज घोष ने कहा कि फाइलेरिया जैसे गंभीर रोग से समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए.) कार्यक्रम को सफल बनाने में समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस रोग के पूर्णतया उन्मूलन हेतु अपना पूर्ण सहयोग दें।
इस अवसर पर संचालनालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ के विभागीय अधिकारी, सम्बंधित जिलों और ब्लाक के अधिकारी, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज, विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल के प्रतिनिधि सहित राज्य के उन जिलों के मीडिया सहयोगी भी वर्चुअल रूप से जुड़े , जहां मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन आयोजित किया जा रहा है ।
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