चंडीगढ़। पंजाब में हुए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले (Post Metric Scholarship Scam) की जांच के लिए केंद्र सरकार ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। ज्वाइंट सेक्रेटरी कल्याणी चड्ढा इस कमेटी की चेयरपर्सन होंगी उनके साथ दो सदस्य संयुक्त सचिव एसए माीणा और आइएफडी डायरेक्टर प्रकाश तामरकार को सदस्य बनाया गया है।
बता दें, पंजाब से सांसद व केंद्रीय उद्योग राज्य मंत्री सोमप्रकाश ने यह मामला पिछले हफ्ते केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत के पास उठाया था। इस पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह इसकी जांच करवाएंगे। हालांकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय जांच का विरोध किया गया था कि यह संघीय ढांचे के विरुद्ध है। सोमप्रकाश के अलावा अकाली दल के विधायक भी थावर चंद गहलोत से मिले थे।
केंद्र सरकार की ओर से गठित की गई जांच टीम को चार हफ्तों में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। कमेटी से कहा गया है कि वह समाज कल्याण, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग के एडिश्नल चीफ सेक्रेटरी की ओर से पंजाब की चीफ सेक्रेटरी को दी गई उस रिपोर्ट की छानबीन करें जिसमें प्राइवेट संस्थानों को फंड देने में घपला किया गया है।
काबिलेगौर है कि दैनिक जागरण द्वारा किए गए खुलासे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन को रिपोर्ट देने को कहा था। रिपोर्ट पर अपने कमेंट देने के लिए विनी महाजन ने भी तीन सदस्यीय कमेेटी गठन किया है, जिसमें प्रमुख वित्त सचिव केपीए सिन्हा, प्रमुख सचिव प्लानिंग जसपाल सिंह और विजिलेंस विभाग के सचिव वीपी सिंह शामिल हैं।
इस घपले में विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी कृपा शंकर सरोज ने विभाग के मंत्री साधू सिंह धर्मसोत पर अंगुली उठाई है। मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने इस रिपोर्ट को गलत ठहराया है और कहा है कि वह किसी भी जांच को तैयार हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा जिस जांच टीम का गठन किया है उससे लगता है कि यह मामला फिर गरमाएगा।
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