बिलासपुर। अनुसूचित जनजाति के फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी सुविधाओं का लाभ हासिल करने वालों की अब खैर नहीं है। राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य अर्चना पोर्ते ने छग राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सचिव को पत्र लिखकर ऐेसे लोगों के खिलापफ कानूनी कार्रवाई करने कहा है। कानूनी कार्रवाई के अलावा सरकारी नौकरी करने वाले फर्जी आदिवासियों से रिकवरी करने की बात भी कही है। आयोग की सदस्य पोर्ते के पत्र के बाद आयोग की सक्रियता भी बढ गई है। छत्तीसगढ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के द्वारा अब फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिये नौकरी पाने वालों को बर्खास्त करने के बाद अब उनसे रिकवरी की भी तैयारी की जा रही है
पोर्ते के के बाद आयोग ने रिकवरी के साथ ही एफआइआर के लिये भी राज्य शासन को पत्र लिख है। आयोग की सदस्य अर्चना पोर्ते ने बताया कि फर्जी जाति प्रमाणपत्र वालों को बर्खास्त तो कर दिया गया है पर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग अधिनियम 1995 के तहत अब आयोग के सचिव ने प्रशासन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर फर्जी जाति प्रमाण पत्रधारकों के खिलाफ समुचित कार्रवाई करने के लिये राज्य शासन के समस्त विभागों के अलावा प्रदेशभर के कलेक्टरों को दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों पर भी होगी कार्रवाई
अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य ने बताया कि सरकारी सेवाओं में पफर्जी आदिवासी बनकर नौकरी करने वालों के खिलापफ कार्रवाई तेज हो गई है। ऐसे जनप्रतिनिधि जिन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र हासिल कर चुनाव लडे और विधायक सांसद सहित अन्य पदों पर काबिज हैं उनकी पडताल की जा रही हैै। प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने पोर्ते के पत्र का दिया हवाला
छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने सामान्य प्रशासन विभाग को लिखे पत्र में अर्चना पोर्ते के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र
धारकों के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग अधिनियम-1995 के अध्याय-3 की धारा-09 एवं 10 की उपधारा (क) एवं (ख) के तहत पंजीयन किया जाना है। 24 सितंबर 2013 सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र जारी करने, सत्यापित करने तथा निरस्त करने आदि के संबंध में जारी निर्देश की कण्डिका- 22 एवं कंडिका 24 में कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। लिहाजा सामाजिक प्रास्थिति जाति प्रमाण पत्र जारी एवं निरस्त करने संबंधी निर्देश- 2013 में निहित प्राविधान के अनुसार फर्जी जाति प्रमाण पत्रधारी घोषित व्यक्तियों के विरूद्ध समुचित कार्यवाही करने हेतु शासन के समस्त विभागों एवं सभी जिला कलेक्टर को आवश्यक निर्देश जारी किया जाए।
आपको यह खबर कैसी लगी?


देश

























