रायपुर: राजधानी समेत प्रदेश में रथयात्रा महोत्सव इस वर्ष 12 जुलाई को मनाया जाएगा। कोरोना महामारी के तीसरी लहर के अंदेशे को देखते शहर के प्रमुख जगन्नाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने यह निर्णय लिया है कि प्रशासन की गाइडलाइन का इंतजार न करते हुए भगवान जगन्नाथ के रथ को शहर में नहीं भ्रमण कराएंगे, बल्कि औपचारिक तौर पर भगवान का रथ सजाकर उसमें बैठाया जाएगा और मंदिर परिसर में भ्रमण कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अभी हाल के दिनों में सुप्रीम कोर्ट ने रथयात्रा को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलने दी जाएगी। बाकी जगह पर रथ यात्रा नहीं निकल सकते हैं। दूसरी ओर मंदिर समितियों को राज्य सरकार को आदेश का इंतजार था, लेकिन अभी तक सरकार ने रथयात्रा को लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है।
बता दें कि रथयात्रा महोत्सव पूरे प्रदेश में काफी उल्लास के साथ मनाया जाता है। लोगों में रथ को खींचने की होड़ मची रहती है। इसी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति भी पिछले साल की तरह रथ को शहर भ्रमण नहीं करवाने का फैसला लिया है।
टूरी हटरी जगन्नाथ मंदिर
पुरानी बस्ती के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर के महंत रामसुंदर दास ने कहा कि हर साल की तरह भगवान जगन्नाथ, भाई बलदाऊ और बहन सुभद्रा को रथयात्रा में विराजमान करेंगे। वहीं से भक्त दर्शन कर सकते हैं। शहर भ्रमण नहीं कराया जाएगा। भगवान जगन्नाथ का पूरी नेग को निभाया जाएगा। इसके लिए रथ तैयार किया जा रहा है। उन्होंने अपील की कोरोना महामारी में भक्त भगवान का दूर से दर्शन करें, ताकि शारीरिक दूरी का पालन हो सकें।
गायत्री नगर भगवान जगन्नाथ
शहर के गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में हर साल राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत मंत्री मंडल के सदस्य शामिल होते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए भगवान के रथ को शहर भ्रमण नहीं कराएंगे। पूजा-अर्चना करके मंदिर परिसर में भ्रमण कराया जाएगा। इस बार भी छोटे रथ बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि मंदिर परिसर में घूम सकें।
ज्यादा नहाने से बिगड़ी थी भगवान की तबीयत
मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ की तबीयत ज्यादा नहाने से खराब हो जाती है। इसके बाद से भगवान जगन्नाथ, भाई बलदाऊ और बहन सुभद्रा 15 दिन एकांतवास में रहते हैं। इस दौरान भगवान को स्वस्थ करने के लिए पुजारियों द्वारा काढ़ा का सेवन कराया जा रहा है। वहीं, भगवान ठीक होने के बाद 12 जुलाई को रथ में सवार होकर अपने मौसी के घर जाएंगे। जहां वे 10 दिन आराम करेंगे।
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