आपको यह खबर कैसी लगी?
रायपुर: छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी रणवीर सिंह भट्टी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य और देश को गौरवान्वित किया है। रणवीर को शतरंज की सर्वोच्च संस्था विश्व शतरंज महासंघ ने कैंडिडेट मास्टर के इंटरनेशनल टाइटल से नवाजा है। शतरंज खिलाड़ी एवं कोच रणवीर ने बताया कि जिन खिलाड़ियों की इलो रेटिंग 2200 से ऊपर है उन्हें यह टाइटल प्रदान किया जाता है। रणवीर शतरंज के प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। कई प्रतिभावान खिलाड़ियों को
इन्होंने प्रदेश में तैयार किया है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना जौहर दिखाया है। मूलत: वह राजनांदगांव के रहने वाले हैं।
रणवीर अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने कोच विनोद राठी जिसे प्रदेश में शतरंज के भीष्मपितामह के रूप में जाना जाता है को दिया है। रणवीर ने बताया कि समय-समय पर उन्हें रायपुर के रवि कुमार, आनंद अवधिया, भिलाई की फीडेमास्टर किरण अग्रवाल एवं इंदौर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं निर्णायक राधेश्याम गुप्ता से मार्गदर्शन मिलते रहा है।
रणवीर विभिन्न आयु समूहों में चार बार राज्य चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। 2002 में जगदलपुर में आयोजित द्वितीय राज्य शालेय स्तरीय शतरंज स्पर्धा तथा 2003 में पिथौरा में आयोजित तृतीय राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज स्पर्धा को लगातार जीत कर रणवीर भट्ठी सुर्खियों में आए थे। वर्ष 2004 में बिलासपुर में आयोजित सीनियर शतरंज स्पर्धा में प्रथम चार खिलाड़ियों में स्थान बनाकर मात्र 15 साल की उम्र में इन्होंने नेशनल बी के लिए के लिए क्वालीफाई किया था जोकि उस समय सबसे कम उम्र में छत्तीसगढ़ से सीनियर वर्ग से राष्ट्रीय बी में खेलने का रिकॉर्ड बनाया था।
रणवीर 2003 में मलेशिया में चौथी जी ए सी पी वर्ल्ड इंटर वेर्सिटी तथा 2004 में देश मे आयोजित 43 वीं वर्ल्ड जूनियर शतरंज स्पर्धा में हिस्सा ले चुके हैं। 2004 में पहली टाटा अखिल भारतीय शतरंज स्पर्धा में इन्होंने उप विजेता के रूप में बड़ी सफलता हासिल की थी।


देश

























