रायपुर: बच्चों में पोषण स्तर के आकलन करने के लिए सात से 16 जुलाई तक वजन त्योहार चलाया जा रहा है। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों में कोविड-19 के सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आयोजित किया जाएगा। जिले में 1.40 लाख बच्चों का वज़न लेने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान कुपोषित पाए गए बच्चों को लक्ष्य सुपोषण और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से जोड़ा जाएगा। अति कुपोषित या गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) मे एडमिट करवाया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पांडे ने बताया कि बच्चों की लंबाई एवं वजन ज्ञात करने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अध्यक्षता में जोनल अधिकारियों एवं महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक की बैठक ली गई थी। इसी प्रकार एनीमिक पाई गई किशोरियों को भी मुख्यमंत्री पोषण अभियान से जुड़कर विशेष आहार के रूप में अंडा केला आदि दिया जाएगा। साथ ही उनका नियमित फॉलो अप भी किया जाएगा।
गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया कि सेक्टर की 28 आंगनबाड़ी केंद्रों में इस वजन त्योहार के दौरान दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों की ऊंचाई इन्फैंटोमीटर से मालूम की जा रही है। जो बच्चे दो वर्ष से अधिक उम्र के हैं, उनकी लंबाई स्टूडियो मीटर से मालूम की जा रही है। इस बार के वजन त्योहार में 11 से 18 वर्ष की किशोरियों का हीमोग्लोबिन टेस्ट और उनका वजन लेकर बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) निकाला जाएगा।
त्योहार का उद्देश्य पोषण पर जन जागरूकता में वृद्धि करना किशोरियों के एमीनिया (खून की कमी) के स्तर में सुधार लाना भी है। आंगनबाड़ी केंद्र अशोक नगर दो की कार्यकर्ता कोकिला सिंह कहती है वजन त्योहार को लेकर घर-घर जा कर हितग्राहियों को पांच वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पर लाकर उनका लंबाई एवं वजन की जांच कराने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।
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