बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में भारी हंगामा किया गया. राजद के सदस्यों ने बिहार में आरक्षण का दायरा बढ़ाने वाले फैसले को लागू किए जाने की मांग की है. राजद के एमएलसी सदन में हंगामा कर रहे थे तभी मुख्यमंत्री सदन में उठ खड़े हुए.
तेजस्वी सरकार और बीजेपी और एनडीए आरक्षण खोर वाला स्लोगन नीतीश कुमार ने सदन में पढ़ा. सदन में राबड़ी देवी उठ खड़ी हुई तो नीतीश कुमार बोले कि ई बेचारी को कुछ आता है, इसको तो ऐसे ही मुख्यमंत्री बना दिया. जब रिप्लेस (लालू) हो रहे थे तो इसे ऐसे ही बना दिया. हंगामे के बाद राजद के सदस्यों ने विधान परिषद् से वॉक आउट कर दिया गया. इसके बाद एक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि आरक्षण का दायरा बढ़ाने का फैसला नीतीश कुमार के नेतृत्व में मिल कर लिया था. इस पर किसी को क्या आपत्ति हो सकती है? मामला कोर्ट में है, न्यायालय का फैसला आने दीजिए. सदन में तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा की बिहार में नियति ही है कि वह जदयू की पिछलग्गू, उसके लटकन बनकर ही लटके रह जाएंगे. कभी अकेले लड़ने की हिम्मत तो दिखा नहीं पाएंगे. सत्ता के लिए केवल नीतीश कुमार और जदयू के इर्द-गिर्द ही मंडराएंगे. सदन से पहले बिहार की राजनीति में पोस्टर वार भी दिखाई दिया. आरजेडी का एक पोस्टर नीतीश कुमार पर वार करता हुआ लगाया गया. उसमें लिखा था तुम तो धोकेबाज हो, वादा करके फिर इसी के बाद लिखा है, एनआरसी पर हम तुम्हारे साथ नहीं. वक्फ पर तो बिल्कुल भी साथ नहीं. वोट लेंगे तुम्हारा लेकिन साथ नहीं देंगे.आपके पास तो कोई चेहरा नहीं पिछलग्गू बने रहिएगा
नीतीश कुमार के खिलाफ लगाया पोस्टर



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