उज्जैन: देश व दुनिया में महाशिवरात्रि पर्व पूरी धूमधाम से मनाया जाता है. वहीं, मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर भी इस महापर्व के लिए विदेशी फूलों से सजाया जा रहा है. पूरे मंदिर परिसर को सजाने में 200 से अधिक कलाकार लगे हुए हैं. वहीं, आंगन में रंग-बिरंगी रंगोलियां बनाई गई हैं. इसके साथ ही पूरा महाकालेश्वर मंदिर रोशनी से जगमग हो उठा है. इस बार महाकाल मंदिर को दक्षिण भारत के नटराज मंदिर की थीम पर सजाया गया है. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि महाकाल मंदिर में धूमधाम के साथ मनाई जाएगी. महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकाल मंदिर को देश-विदेश के फूलों से सजाया जा रहा है. बाबा महाकाल धाम को फूलों से सुसज्जित करने पहुंचे कलाकार कृष्णमूर्ति रेड्डी ने बताया, ” हम बेंगलुरु के रहने वाले हैं और 200 कलाकारों की टीम के साथ बाबा महाकाल के धाम को सजाने पहुंचे हैं. इसमें 4 देशों के 40 से अधिक प्रजातियों के फूलों से महाकाल परिसर को सजाया जा रहा है. इसमें सिंगापुर, हांगकांग, स्विट्जरलैंड और इंडोनेशिया के फूल भी शामिल हैं. इन देशों से निशुल्क और फ्लाइट से फूल मंगाए गए हैं.” कलाकार कृष्णमूर्ति रेड्डी ने बताया, ” हम पिछले 12 सालों से महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिरों को विदेशी प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से सुसज्जित करते आ रहे हैं. इस बार महाकाल मंदिर की सजावट अलग तरीके से कर रहें हैं. जिसमें मुख्य रूप से गर्भ ग्रह, नंदी हॉल, द्वार को नटराज थीम पर सजाया गया है. इसके अलावा परिसर में मौजूद अन्य प्रमुख हिस्सों में भी सजावट की जा रही है.” इस साल महाशिवरात्रि पर महाकाल धाम को दक्षिण भारत में स्थित नटराज मंदिर के थीम पर सजाया जा रहा है. वहीं, उज्जैन के पंकज सेहरा व उनकी टीम और इंदौर के केशव शर्मा द्वारा पूरे परिसर में रंगोली बनाई गई. पिछले साल लगभग 30 लाख रुपए साज सज्जा में खर्च किए थे. इस बार महाशिवरात्रि पर्व के बाद ही खर्च का आकलन किया जा सकेगा.बेंगलुरु से मंदिर सजाने आई 200 लोगों की टीम
12 सालों से महाकाल की सेवा में साउथ की टीमें
रंगोलियों के लिए अलग से आई टीमें
उज्जैन: देश व दुनिया में महाशिवरात्रि पर्व पूरी धूमधाम से मनाया जाता है. वहीं, मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर भी इस महापर्व के लिए विदेशी फूलों से सजाया जा रहा है. पूरे मंदिर परिसर को सजाने में 200 से अधिक कलाकार लगे हुए हैं. वहीं, आंगन में रंग-बिरंगी रंगोलियां बनाई गई हैं. इसके साथ ही पूरा महाकालेश्वर मंदिर रोशनी से जगमग हो उठा है. इस बार महाकाल मंदिर को दक्षिण भारत के नटराज मंदिर की थीम पर सजाया गया है. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि महाकाल मंदिर में धूमधाम के साथ मनाई जाएगी.
बेंगलुरु से मंदिर सजाने आई 200 लोगों की टीम
महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकाल मंदिर को देश-विदेश के फूलों से सजाया जा रहा है. बाबा महाकाल धाम को फूलों से सुसज्जित करने पहुंचे कलाकार कृष्णमूर्ति रेड्डी ने बताया, ” हम बेंगलुरु के रहने वाले हैं और 200 कलाकारों की टीम के साथ बाबा महाकाल के धाम को सजाने पहुंचे हैं. इसमें 4 देशों के 40 से अधिक प्रजातियों के फूलों से महाकाल परिसर को सजाया जा रहा है. इसमें सिंगापुर, हांगकांग, स्विट्जरलैंड और इंडोनेशिया के फूल भी शामिल हैं. इन देशों से निशुल्क और फ्लाइट से फूल मंगाए गए हैं.”
12 सालों से महाकाल की सेवा में साउथ की टीमें
कलाकार कृष्णमूर्ति रेड्डी ने बताया, ” हम पिछले 12 सालों से महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिरों को विदेशी प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से सुसज्जित करते आ रहे हैं. इस बार महाकाल मंदिर की सजावट अलग तरीके से कर रहें हैं. जिसमें मुख्य रूप से गर्भ ग्रह, नंदी हॉल, द्वार को नटराज थीम पर सजाया गया है. इसके अलावा परिसर में मौजूद अन्य प्रमुख हिस्सों में भी सजावट की जा रही है.”
रंगोलियों के लिए अलग से आई टीमें
इस साल महाशिवरात्रि पर महाकाल धाम को दक्षिण भारत में स्थित नटराज मंदिर के थीम पर सजाया जा रहा है. वहीं, उज्जैन के पंकज सेहरा व उनकी टीम और इंदौर के केशव शर्मा द्वारा पूरे परिसर में रंगोली बनाई गई. पिछले साल लगभग 30 लाख रुपए साज सज्जा में खर्च किए थे. इस बार महाशिवरात्रि पर्व के बाद ही खर्च का आकलन किया जा सकेगा.



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