छिंदवाड़ा: जिला पंचायत परिसर में जैसे ही भूकंप की लोगों को खबर लगी अफरा तफरी मच गई. कुछ लोग देखने के लिए जमा भी हो गए थे. लेकिन जब हकीकत पता चली तो लोगों ने राहत की सांस ली. भूकंप आने पर किस तरीके से बचा जा सकता है और लोगों की मदद कैसे की जा सकती है. इसके लिए प्रशासन के द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है. छिंदवाड़ा के जिला पंचायत सभा कक्ष में एनसीसी कैडेट्स राष्ट्रीय सेवा योजना और समाज से भी संस्थाओं को भूकंप का जोखिम और उसके बचाव के लिए ट्रेनिंग दी.
भूकंप से निपटने के बताए गए टिप्स
आपदा प्रबंधन संसाधन भोपाल द्वारा मध्य प्रदेश में ‘भूकंप पूर्व तैयारी एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रम’ नामक परियोजना संचालित की जा रही है. इस परियोजना के अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में जिला स्तर पर 5 दिनों की ट्रेनिंग दी गई. जिला पंचायत के सभाकक्ष में स्काउट गाइड के शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं छात्र छात्रायें, एन.सी.सी. कैडेट्स एवं रेड क्रॉस के पदाधिकारी को सम्मिलित किया गया.
मॉकड्रिल करके बताया भूकंप से कैसे बचा जा सकता है
भूकंप आने का कैसे पता चलता है और अगर भूकंप आ जाए तो राहत कार्य कैसे किया जाता है, किन उपकरणों का कहां उपयोग किया जा सकता है. यह सब मॉकड्रिल करके विशेषज्ञ ने बताया. एनसीसी कैडेट राहुल टेकाम ने बताया कि, ”पहले तो उन्हें पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए बताया गया कि, भूकंप आने के क्या कारण होते हैं और भूकंप अगर आ जाए तो राहत कार्य और लोगों की मदद करके बचाया जा सकता है. इसके बाद उन्हें प्रैक्टिकल रेस्क्यू ऑपरेशन करके बताया गया जिसमें मशीनों को संचालित करने उपकरणों को ऑपरेट करने और लोगों की जिंदगी बचाने के तरीके भी बताए गए.”
कैसे आता है भूकंप, क्या होते हैं कारण
भूगर्भ शास्त्री डॉ. संत कुमार शर्मा ने बताया कि, ”भूकंप मुख्य रूप से पृथ्वी के अंदर टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने, रगड़ने या दूर हटने के कारण आते हैं. पृथ्वी के नीचे लगातार हलचल से प्लेटों के किनारों (फॉल्ट लाइन) पर दबाव बढ़ता है, और जब यह ऊर्जा अचानक निकलती है, तो जमीन में कंपन होता है जिसे हम भूकंप कहते हैं.”


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