खंडवा | कृषि एवं प्रादेशिक समाचार
खंडवा जिले के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बुधवार को जिला पंचायत सभागृह में एक अहम बैठक आयोजित की गई। अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गेहूं और चना उपार्जन की तैयारियों के साथ-साथ फसल कटाई के बाद नरवाई (पराली) प्रबंधन के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।
🌾 उर्वरक के लिए ई-टोकन और ई-विकास प्रणाली लागू, आधार अपडेट होना जरूरी
बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को उर्वरक वितरण की नई ‘ई-टोकन’ तथा ‘ई-विकास प्रणाली’ के बारे में जानकारी दी गई। अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से उर्वरक (खाद) प्राप्त करने के लिए किसानों का आधार कार्ड अपडेट होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए जरूरत के अनुसार गांव-गांव में आधार कार्ड अपडेट करने हेतु विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी भूमि की ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) जल्द बनवा लें, ताकि ई-टोकन व्यवस्था का सुचारू रूप से लाभ उठाया जा सके।
💻 ई-टोकन बनाने की प्रक्रिया और 3 दिन की वैलिडिटी
उप संचालक कृषि श्री नितेश यादव ने ई-टोकन बनाने की संपूर्ण प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किसान भाई कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपने आधार नंबर के माध्यम से लॉग-इन कर पंजीयन कर सकते हैं। जिन कृषकों की फार्मर आईडी बन चुकी है, वे एग्रीस्टैक (Agristack) के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन कर, खसरावार फसल का विवरण दर्ज करके उर्वरक और संबंधित विक्रेता (या समिति) का चयन कर अपना ई-टोकन जनरेट कर सकते हैं। बुक किया गया ई-टोकन केवल 3 दिनों तक ही मान्य रहेगा। तीन दिन की समय-सीमा के भीतर उर्वरक प्राप्त करना होगा, अन्यथा टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा और उसे पुनः बनाना पड़ेगा।
📄 बिना फार्मर आईडी वाले किसानों के लिए भी है विशेष व्यवस्था
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन कृषकों की फार्मर आईडी किसी कारणवश नहीं बनी है (जैसे- ट्रस्ट, पट्टा, सिकमी, मृत किसान जिनका भूमि नामांतरण लंबित है, असक्षम या वृद्ध किसान), वे ई-विकास पोर्टल से संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (SDM) राजस्व के माध्यम से ऑनलाइन भूमि सत्यापन कराकर ई-टोकन बना सकते हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर कलेक्टर श्री के.आर. बडोले सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।


खंडवा


























