2026 की शुरुआत में सोने ने शानदार तेजी दिखाई थी, लेकिन अब उसकी रफ्तार टूटती दिख रही है. साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई $5,602 तक पहुंचने के बाद सोना गिरकर करीब $4,495 पर आ गया है, यानी करीब 20% की गिरावट जिसे आम भाषा में बेयर मार्केट कहा जाता है.
तेजी के बाद गिरावट का सिलसिला
सोने में यह तेजी अक्टूबर 2022 से शुरू हुई थी. उस समय करीब $1,500 से बढ़कर जनवरी 2026 तक यह 275% उछल गया. लेकिन अब इसमें करेक्शन शुरू हो चुका है और बाजार में दबाव बना हुआ है.
इतिहास क्या कहता है
इतिहास बताता है कि सोने में बड़ी तेजी के बाद तेज गिरावट आना नई बात नहीं है. Mark Twain की मशहूर लाइन है इतिहास खुद को दोहराता नहीं, लेकिन मिलता-जुलता जरूर होता है.
अगर इतिहास जैसा ट्रेंड दोहराया जाए, तो सोना अपने पीक से 50% तक गिर सकता है. ऐसे में कीमतें $2,800$3,000 के आसपास आ सकती हैं. हालांकि कई एक्सपर्ट $3,600 के स्तर को अहम मान रहे हैं.
2026 में कितना गिर सकता है सोना?
अभी क्यों दबाव में है सोना
ईरान युद्ध के बाद तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और महंगाई बढ़ी. ऐसे में ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं. चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची दरों और मजबूत डॉलर के समय इसकी मांग कम हो जाती है.
लंबी अवधि में उम्मीद बरकरार
हालांकि शॉर्ट टर्म में गिरावट है, लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि लंबे समय में सोना फिर से मजबूत हो सकता है. भू-राजनीतिक तनाव और सेंट्रल बैंकों की खरीद इसे सपोर्ट दे सकती है.
निवेशकों के लिए सलाह
सोने में शॉर्ट टर्म के लिए निवेश जोखिम भरा हो सकता है. बेहतर है कि इसे पोर्टफोलियो का 10-15% ही रखें और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें.


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