रायपुर: 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन और उससे पहले 30 मार्च को लोकसभा में हुई बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया. अमित शाह ने कहा “2019 में नक्सल अभियान को गति इसलिए नहीं मिल पाई क्योंकि छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भूपेश बघेल की सरकार ने सहयोग नहीं किया. छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने नक्सलियों को बचाकर रखा था. संसद में जवाब देने के दरमियान केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस के नेताओं द्वारा किए जा रहे विरोध को लेकर यह तक कह दिया “जिस तरीके से आप लोग हंगामा कर रहे हैं, हमारे पास उसके सबूत मौजूद हैं. भूपेश बघेल की सरकार में जिस तरीके के काम किए गए, अगर उन चीजों को सार्वजनिक कर दूंगा तो आप लोगों को शर्मिंदा होना पड़ेगा.” शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सल अभियान को ज्यादा गति मिली होती अगर 2019 से भाजपा की सरकार आने से पहले तक जो सहयोग केंद्र को मिलना चाहिए था वह उस सरकार ने दिया होता. शाह ने कहा कि नक्सल पर निर्णायक लड़ाई में हम आज बहुत आगे निकल गए होते. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया X पर अपनी प्रतिक्रिया दी. बघेल ने कहा- “यह पूरी तरह निराधार और झूठ है. जिन पांच साल हमारी सरकार रही, उसमें नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठकें हुईं. इन बैठकों में राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी मौजूद रहे, पर इन बैठकों में केंद्र सरकार ने यह आपत्ति कभी नहीं की थी कि कोई राज्य नक्सलियों को बचा रहा है.” भूपेश बघेल ने कहा है “मैं अमित शाह जी को चुनौती देता हूं कि हमारी सरकार की कार्रवाइयों पर केंद्र सरकार की किसी आपत्ति का कोई प्रमाण हो तो उसे सार्वजनिक करें. अगर तब आपत्ति नहीं की तो आज यह सब क्यों कहा आपने?” भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ होने वाली बैठक में राज्य के मुख्य सचिव और डायरेक्टर जनरल पुलिस भी शामिल रहते थे. केंद्र सरकार ने ऐसी कोई भी आपत्ति नहीं दी है, जिसमें यह कहा गया हो कि नक्सल विरोधी अभियान में हमारी सरकार का सहयोग कहीं भी नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के समय में बस्तर के निचले इलाकों में जितने कैंप खोले गए उन्हीं का परिणाम है कि आज सही और बेहतर तरीके से नक्सल अभियान को सेना चल पाई है. भूपेश बघेल ने कहा कि किसी पर आरोप लगाना गलत है. भूपेश बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता किसी की पीठ पर खड़े होकर ऊंचा दिखने की कोशिश कर रहे हैं जो गलत है. भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सली समाप्ति आवश्यक है और इसके लिए हम सभी लोग चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ से नक्सली पूरी तरह समाप्त हो लेकिन उसे पर राजनीति हो यह चीज ठीक नहीं.तत्कालीन भूपेश सरकार पर अमित शाह के आरोप
अमित शाह के आरोपों पर भूपेश बघेल का जवाब
रायपुर: 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन और उससे पहले 30 मार्च को लोकसभा में हुई बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया. अमित शाह ने कहा “2019 में नक्सल अभियान को गति इसलिए नहीं मिल पाई क्योंकि छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भूपेश बघेल की सरकार ने सहयोग नहीं किया. छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने नक्सलियों को बचाकर रखा था.
तत्कालीन भूपेश सरकार पर अमित शाह के आरोप
संसद में जवाब देने के दरमियान केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस के नेताओं द्वारा किए जा रहे विरोध को लेकर यह तक कह दिया “जिस तरीके से आप लोग हंगामा कर रहे हैं, हमारे पास उसके सबूत मौजूद हैं. भूपेश बघेल की सरकार में जिस तरीके के काम किए गए, अगर उन चीजों को सार्वजनिक कर दूंगा तो आप लोगों को शर्मिंदा होना पड़ेगा.”
शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सल अभियान को ज्यादा गति मिली होती अगर 2019 से भाजपा की सरकार आने से पहले तक जो सहयोग केंद्र को मिलना चाहिए था वह उस सरकार ने दिया होता. शाह ने कहा कि नक्सल पर निर्णायक लड़ाई में हम आज बहुत आगे निकल गए होते.
अमित शाह के आरोपों पर भूपेश बघेल का जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया X पर अपनी प्रतिक्रिया दी. बघेल ने कहा- “यह पूरी तरह निराधार और झूठ है. जिन पांच साल हमारी सरकार रही, उसमें नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठकें हुईं. इन बैठकों में राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी मौजूद रहे, पर इन बैठकों में केंद्र सरकार ने यह आपत्ति कभी नहीं की थी कि कोई राज्य नक्सलियों को बचा रहा है.”
भूपेश बघेल ने कहा है “मैं अमित शाह जी को चुनौती देता हूं कि हमारी सरकार की कार्रवाइयों पर केंद्र सरकार की किसी आपत्ति का कोई प्रमाण हो तो उसे सार्वजनिक करें. अगर तब आपत्ति नहीं की तो आज यह सब क्यों कहा आपने?”
भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ होने वाली बैठक में राज्य के मुख्य सचिव और डायरेक्टर जनरल पुलिस भी शामिल रहते थे. केंद्र सरकार ने ऐसी कोई भी आपत्ति नहीं दी है, जिसमें यह कहा गया हो कि नक्सल विरोधी अभियान में हमारी सरकार का सहयोग कहीं भी नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के समय में बस्तर के निचले इलाकों में जितने कैंप खोले गए उन्हीं का परिणाम है कि आज सही और बेहतर तरीके से नक्सल अभियान को सेना चल पाई है.
भूपेश बघेल ने कहा कि किसी पर आरोप लगाना गलत है. भूपेश बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता किसी की पीठ पर खड़े होकर ऊंचा दिखने की कोशिश कर रहे हैं जो गलत है. भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सली समाप्ति आवश्यक है और इसके लिए हम सभी लोग चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ से नक्सली पूरी तरह समाप्त हो लेकिन उसे पर राजनीति हो यह चीज ठीक नहीं.


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