सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत करमाई में प्रशासन का एक अनोखा और सराहनीय चेहरा देखने को मिला. जब कलेक्टर विकास मिश्रा ने खंड स्तरीय अधिकारियों के साथ रात में चौपाल का आयोजन किया. बुधवार के दिन रात करीब 9:00 बजे पंचायत भवन के पास आयोजित इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई. जहां उन्होंने कलेक्टर को अपनी समस्याएं सुनाईं.
कलेक्टर ने गांव में लगाई चौपाल
इस गांव चौपाल के दौरान कलेक्टर ने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए. इस पहल से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से संभव हो पा रहा है. गांव के सरपंच बजरंगी गुप्ता ने बताया कि, ”अपने 40 वर्षों के जीवन में उन्होंने पहली बार ऐसा कलेक्टर देखा है, जो रात के समय गांव में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है. साथ ही तत्काल समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर रहा है.”
जमीन पर बैठकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
ग्राम करमाई की निवासी रामबाई बैगा ने अपनी बस्ती में पानी की समस्या को लेकर शिकायत की. उन्होंने बताया कि, ”कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.” इस पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एसडीएम आरपी त्रिपाठी को निर्देशित किया कि संबंधित बस्ती में हैंडपंप एवं अन्य जल स्रोतों के माध्यम से तत्काल पानी की व्यवस्था करवाई जाए ताकि ग्रामीणों को पानी के परेशान न होना पड़ा.
कलेक्टर बोले-हम जनता के सेवक हैं
चौपाल में कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि ”हम जनता के सेवक हैं और उनकी समस्याएं सुनना हमारा कर्तव्य है. अगर लोग अपनी परेशानी हमसे साझा नहीं करेंगे, तो हमारे इस पद पर रहने का कोई औचित्य नहीं है. जहं हम गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे, इसी उद्देश्य से हमें यह जिम्मेदारी दी गई है.”


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